Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

0 कहा- 23 वर्षों के बाद परिवार को न्याय मिला है, यह न्याय की जीत है
रायपुर। चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद राम अवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने कहा कि 23 वर्षों के बाद परिवार को न्याय मिला है। यह न्याय की जीत है। उन्होंने कहा कि मेरे परिवार की 23 साल की तपस्या आज सफल हुई है। मेरे पापा को न्याय मिला है। आखिरकार मुख्य आरोपी अमित जोगी जेल जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन 23 वर्षों में हमें राजनीतिक शक्तियों के साथ मनी पॉवर से भी लड़ना पड़ा। सतीश जग्गी ने मांग की है कि अमित जोगी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए और उनका पासपोर्ट भी जब्त होना चाहिए। 

2003 में हुई थी एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की हत्या
4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी। हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिस पर अमित के पक्ष में स्टे लगा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेज दिया।