0 मृतकों में 5 छग, 5 प. बंगाल, 3 झारखंड, 2 बिहार व 2 यूपी के रहने वाले थे
0 मुआवजे की घोषणाओं के बीच जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज
सक्ती। सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा के दावों की सच्चाई उजागर कर दी है। इस दर्दनाक हादसे में मृतकों की संख्य अब तक 17 पहुंच चुकी है, जबकि दो दर्जन से अधिक श्रमिक अब भी अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में 5 छत्तीसगढ़ (3 सक्ती, 1 जांजगीर और 1 रायगढ़ जिले), 5 पश्चिम बंगाल, 3 झारखंड, 2 बिहार और 2 उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। मृतकों के नाम रितेश कुमार, अमृत लाल पटेल, ठंडाराम लहरे, तरुण कुमार ओझा, अक़ीब खान, सुशांता जाना, अब्दुल करीम, उदब सिंह यादव, शेख सैफुदिन, पप्पू कुमार, अशोक परहिया, मानस गिरी, बृजेश कुमार, रामेश्वर महिलांगे, कार्तिक महतो, नदीम मन्सारी व शिबनाथ मुर्बु हैं।
घटना के बाद जिला प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर लगातार कार्य कर रहे हैं। घायलों का उपचार नजदीकी अस्पतालों में जारी है। राज्य सरकार ने मामले की जांच के आदेश दे दिये हैं और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि प्लांट में लंबे समय से सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही थी। बॉयलर जैसे संवेदनशील उपकरणों की नियमित जांच और मेंटेनेंस में लापरवाही बरती जा रही थी। यदि समय रहते इन खामियों को गंभीरता से लिया जाता, तो शायद 17 परिवारों को अपनों को खोने का दर्द नहीं झेलना पड़ता।
प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं, लेकिन पिछले अनुभव बताते हैं कि ऐसी जांचें अक्सर औपचारिकता बनकर रह जाती हैं। रिपोर्ट आती है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। यही कारण है कि लोगों में आक्रोश है और वे इस बार दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
हादसे के बाद मुआवजे की घोषणाओं की झड़ी लग गई है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है, वहीं प्रधानमंत्री की ओर से भी आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। वेदांता पावर प्लांट प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये और नौकरी का आश्वासन दिया है तथा घायलों को 15 लाख रुपये देने की बात कही है।