0 एआईएडीएमके के 25 बागी विधायक साथ आए
0 डीएमके का वॉकआउट
0 पीएमके व भाजपा ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया
चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को मुख्यमंत्री विजय की टीवीके सरकार ने फ्लोर टेस्ट पास कर लिया। वोटिंग के वक्त सदन में 171 विधायक मौजूद थे। इनमें 144 ने टीवीके का समर्थन किया। इस तरह विजय सरकार को बहुमत (118) से 26 वोट ज्यादा मिले।
टीवीके के पक्ष में एआईएडीएमके के 25 बागी विधायकों नें भी वोट डाला। एआईएडीएमके के 47 विधायक हैं। 22 विधायकों ने टीवीके सरकार का विरोध किया। फ्लोर टेस्ट में 59 विधायकों वाली डीएमके ने वॉकआउट कर दिया। सदन मे मौजूद पीएमके के 4 और भाजपा के 1 विधायक वोटिंग में शामिल नहीं हुए।
इन पार्टियों ने टीवीके के समर्थन में किया वोट
फ्लोर टेस्टिंग के दौरान कांग्रेस के 5, सीपीआई के 2, सीपीआईएम के 2, सीवीके के 2, आईयूएमएल के 2 और एआईएडीएमके के बागी 25 विधायकों ने टीवीके को वोट दिया। बता दें कि विधानसभा चुनाव में टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। सीएम विजय ने 2 सीटों पर जीत हासिल की थी। सीएम बनने के बाद एक सीट से इस्तीफा दे दिया था। वहीं टीवीके के एक विधायक के वोट देने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। वहीं स्पीकर ने वोटिंग नहीं की। इस तरह फ्लोर टेस्ट में सीएम विजय समेत टीवीके के कुल 105 विधायकों ने ही वोटिंग में हिस्सा लिया।
एआईएडीएमके में फूट
फ्लोर टेस्ट के साथ एआईएडीएमके में फूट भी पड़ गई। पार्टी पलानीस्वीमी और सीवी षणमुगम में गुट में बंट गई। सदन में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने एआईएडीएमके के बागी विधायकों और विजय की मुलाकात पर कहा कि यह मुलाकात बदलाव है या सौदेबाजी? क्या यही आपकी साफ-सुथरी सरकार है? टीवीके सरकार को इंस्टाग्राम रील के जरिए नहीं, बल्कि रियल गवर्नेंस करनी चाहिए। इस पर सीएम विजय ने कहा हमारी सरकार सेक्युलर तरीके से घोड़े की रफ्तार से काम करेगी न कि हॉर्स ट्रेडिंग में शामिल होगी।
10 मई को विजय ने तमिलनाडु के 9वें सीएम पद शपथ ली थी
टीवीके चीफ विजय तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री बने। इस दौरान राहुल गांधी भी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने विजय से फोन पर बात की। सीएम बनते ही विजय ने 200 यूनिट फ्री बिजली देने, महिला सुरक्षा दल और एंटी ड्रग्स स्क्वॉड बनाने के आदेश दिए।
12 मई को तमिलनाडु में शराब दुकानें बंद करने का आदेश जारी किया था
मुख्यमंत्री विजय ने 717 शराब की दुकानें बंद करने का आदेश जारी किया। एआईएडीएमके के एक गुट ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया। टीवीके विधायक आर श्रीनिवास सेतुपति को मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।