0 भारत की तीन दिन की यात्रा पर आए साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स के साथ की चर्चा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साइप्रस के साथ भारत के संबंधों को मजबूत और भविष्य की दृष्टि पर आधारित बताते हुए कहा है कि दोनों देशों ने इन्हें नई गति देने के लिए अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने का निर्णय लिया है। दोनों देशों ने वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार की जरूरत पर भी बल दिया है।
श्री मोदी ने भारत की तीन दिन की यात्रा पर आए साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स के साथ शुक्रवार को यहां द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य में यह बात कही।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में, साइप्रस से भारत में निवेश बढ़कर लगभग दोगुना हो गया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ने और भारत - यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से तमाम नई संभावनाएं बनी हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका लाभ उठाते हुए , "हम अगले पाँच वर्षों में इस निवेश को फिर से दोगुना करने का लक्ष्य रख रहे हैं। और इस संकल्प को साकार करने के लिए, आज हम अपने विश्वसनीय संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी का रूप दे रहे हैं।"
श्री मोदी ने कहा कि भारत और साइप्रस की मित्रता मजबूत और भविष्य की दृष्टि पर आधारित है। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र और कानून के शासन जैसे मूल्यों में साझा विश्वास, हमारी साझेदारी के आधार हैं। हम सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हैं। भारत इन सिद्धांतों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आगे भी रहेगा।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-साइप्रस, यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों की शीघ्र समाप्ति के प्रयासों का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा, "आज हमने वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की। यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, हम संघर्ष की शीघ्र समाप्ति और शांति के प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे। हम इस बात पर भी एकमत हैं कि बढ़ती हुई वैश्विक चुनौतियां के समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार महत्वपूर्ण है।"