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नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पर उसकी गलतियों के लिये छात्रों से शुल्क वसूली को लूट करार देते हुए कहा है कि जब शिक्षा को सेवा के बजाय कारोबार बना दिया जाता है तो उससे अनेक बुराइयां जन्म लेना शुरू कर देती हैं।

श्री गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा, "सीबीएसई की गलती से नंबर गलत आएं तो उसकी कीमत छात्रों को चुकानी पड़ती है। डिजिटल स्कैन कॉपी, री-टोटलिंग और री-इवैल्यूएशन के लिए अलग-अलग शुल्क देना पड़ता है। अपनी ही उत्तर पुस्तिका की सही जांच कराने के लिए एक छात्र को हजारों रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं।"

उन्होंने आरोप लगाया कि मूल्यांकन प्रक्रिया में त्रुटियों का बोझ छात्रों पर डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि गलती सीबीएसई करती है और इसकी सज़ा बच्चे को मिलती है और सरकार इससे कमाई करती है।

कांग्रेस नेता ने कहा "जब शिक्षा को सेवा नहीं बल्कि कारोबार बना दिया जाता है तो गलतियां सुधरने के बजाय व्यवस्था का हिस्सा बन जाती हैं और इसकी सबसे बड़ी कीमत बच्चों को अपने समय, आत्मविश्वास और भविष्य से चुकानी पड़ती है।"

गौरतलब है कि सीबीएसई बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल प्रति, पुनर्गणना तथा पुनर्मूल्यांकन की सुविधा शुल्क पर उपलब्ध कराने को लेकर हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर बहस तेज हुई है, जिसे लेकर श्री गांधी ने यह टिप्पणी की है।