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0 सरकार का दावा- यह अपराधियों का पसंदीदा प्लेटफॉर्म, इसलिए नीट रीएग्जाम से पहले रोक लगाई
नई दिल्ली। सरकार ने दावा किया है कि टेलीग्राम का इस्तेमाल साइबर क्राइम, एग्जाम पेपर लीक, चाइल्ड पोर्नोग्राफी, आतंकवाद से जुड़े प्रचार और वित्तीय धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा है। दिल्ली हाइकोर्ट में दिए हलफनामे में केंद्र ने बताया कि टेलीग्राम की गोपनीयता और गुमनामी बनाए रखने वाली विशेषताओं ने इसे आपराधियों का पसंदीदा नेटवर्क बना दिया है।
 गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस तेजस कारिया की बेंच टेलीग्राम की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। जिसमें उसके खिलाफ लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती दी गई थी। बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। साथ ही कहा है कि अगर किसी पक्ष को कोई बात रखनी है तो वह शाम 7 बजे तक जमा कर सकता है। दरअसल, भारत सरकार ने 21 जून को होने वाले नीट रीएग्जाम से पहले टेलीग्राम चैनल पर अस्थायी बैन लगाया है। यह रोक 22 जून 2026 तक लागू रहेगी। एक अलग निर्देश में टेलीग्राम को 30 जून तक पहले भेजे गए मैसेज को एडिट करने की सुविधा बंद करने का भी निर्देश दिया गया है।

सरकार ने हलफनामे में 5 दावे किए
0 टेलीग्राम में एक अकाउंट से 40 बॉट बनाए जा सकते हैं। व्हाट्सएप में हर यूजर की एक बॉट की सीमा है।
0 यह प्लेटफॉर्म क्लाउड के जरिए संचालित होता है। अपराध करने वालों का पता नहीं लगाया जा सकता। यानी इसे ब्लॉक भी कर दें और कोई गड़बड़ करे, तो जांच एजेंसियां ​​असली यूजर तक नहीं पहुंच सकतीं।
0 किसी चैनल के एक लाख सदस्यों को कुछ ही सेकंड में दूसरे चैनल पर ट्रांसफर किया जा सकता है। इससे गंभीर खतरा है।
0 टेलीग्राम में तारीख और समय एडिट कर सकते हैं। जिससे इसका दुरुपयोग किया जा सकता है। 2024 में ऐसा हुआ था।
0 परीक्षा के बाद पेपर पब्लिश किया गया था, लेकिन उसमें तारीख को परीक्षा से एक दिन पहले की तारीख में बदल दिया गया था।