0 रायपुर में झमाझम बारिश, सड़कों पर भरा पानी
0 रायगढ़ में भी बरसे बादल, अगले 5 दिन अलर्ट
रायपुर/दंतेवाड़ा/भोपाल/जयपुर/लखनऊ/पटना। 15 दिन से छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर अटका मानसून सोमवार को आगे बढ़ा है। दंतेवाड़ा के रास्ते छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री हो गई है। बस्तर संभाग में तेज बारिश का अलर्ट जारी कर दिया गया है। मानसून की एंट्री के बाद बस्तर संभाग में बारिश तेज होने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में यह मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों को भी कवर कर लेगा।
इसके साथ ही प्रदेश में 5 दिन अंधड़-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार दोपहर को अचानक मौसम बदला और रायपुर, रायगढ़ सहित कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई। भारी बारिश के चलते रायपुर के सुंदरनगर इलाके में महादेवघाट रोड पर पानी भर गया, जिससे लोगों को आनेजाने में काफी दिक्कतें हुई।
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में गरज-चमक, बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मानसून के राज्य के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम ने मानसून को आगे बढ़ने में मदद की है। इसके साथ ही मानसून ने महाराष्ट्र के भी कई और इलाकों को कवर किया है। इसके 25 जून के बाद मध्य प्रदेश में एंट्री करने की संभावनाएं हैं।
वहीं, मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। इसके चलते कुछ इलाकों में हीट वेव (लू) जैसी स्थिति बन सकती है।
रायपुर का मौसम
रायपुर में सोमवार को दोपहर के वक्त मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई। शहर का अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
बिलासपुर सबसे गर्म, अंबिकापुर सबसे ठंडा
प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।
तमिलनाडु में बवंडर, राजस्थान में ओले गिरे, मप्र-यूपी में हीटवेव का अलर्ट
इधर तमिलनाडु के थूथूकोडी में रविवार को बवंडर आया। पहले इसे टॉरनेडो बताया गया था, लेकिन आईएमडी ने सोमवार को पुष्टि करते हुए कहा कि थूथुकुडी की घटना लोकल कन्वेक्टिव वॉर्टेक्स यानी धूल का बवंडर थी। दक्षिण तमिलनाडु के ऊपर समुद्र तल से लगभग 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर ट्रफ लाइन मौजूद थी। लो प्रेशर के कारण थूथुकुडी में गरज-चमक वाले क्यूम्यूलोनिंबस बादल बने। ऊपर की ओर उठ रही तेज हवाओं से एयरपोर्ट के आसपास धूल उड़ने लगी। राजस्थान के श्रीगंगानगर में रविवार को ओले गिरे। वहीं, मध्यप्रदेश के 5 जिलों में आज हीटवेव का अलर्ट है। उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में लू चल सकती है।
रविवार को मेघालय में भारी बारिश हुई। खासी हिल्स जिले के मॉसिनराम में 24 घंटे में 530 मिमी बारिश दर्ज की गई। यानी एक रात में यहां जितनी बारिश हुई, उतनी जोधपुर-बीकानेर में 6 महीने में होती है।
गर्मी से जूझ रहे 8 राज्य, विदर्भ में रात में भी लू चल रही
उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के कुछ इलाकों में तापमान 40-42 डिग्री सेल्सियस के बीच है। तेलंगाना, बिहार, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-अलग इलाकों में भी तापमान इसी रेंज में है। विदर्भ के 8 जिलों में लगातार गर्मी के कारण रातें भी गर्म हो रही हैं। यहां रात में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। इधर, उत्तर प्रदेश का बांदा लगातार दूसरे दिन देश में सबसे गर्म रहा। यहां पारा 42.6 रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा कानपुर, वाराणसी, बहराइच और प्रयागराज में भी पारा 42 डिग्री से ज्यादा रिकॉर्ड हुआ। राजस्थान के श्रीगंगानगर और हरियाणा के रोहतक में भी पारा 42 डिग्री से ऊपर रहा।
126 साल के इतिहास में दूसरा सबसे सूखा जून बीत रहा
इधर, देश में मानसून की बारिश के रिकॉर्ड के 126 साल के इतिहास में दूसरा सबसे सूखा जून बीत रहा है। 21 जून तक 57.4 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 42.2% कम है।
इससे पहले 2009 में पूरे जून में कोटे से 49% कम बारिश रिकॉर्ड हुई थी। इससे मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में खेती पर बुरा असर पड़ा था।