0 सरकार बोली- ईरान जंग में खरीदा महंगा कच्चा तेल ही प्रोसेस हो रहा, 74,781 करोड़ घाटा हुआ
नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होंगी या नहीं, इस पर फैसला अगले दो-तीन महीनों में ही लिया जा सकता है। अभी कुछ भी कहना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि ईरान जंग के समय जब दुनिया में कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे थे, तब भारतीय तेल कंपनियों ने महंगे दामों पर कच्चा तेल खरीदा। रिफाइनरियां अभी उसी महंगे स्टॉक को प्रोसेस कर रही हैं। लागत से कम दाम पर तेल-गैस बेचने की वजह से देश की सरकारी तेल कंपनियों को 30 जून तक 74,781 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान समझौते के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें नीचे आने लगी हैं। अगर यही पैटर्न 2-3 महीने तक चला तो कुछ महीनों में तेल कीमतों में राहत की उम्मीद है।
मई में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे
मई में आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में 7.50-7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है।
अभी सरकारी कंपनियों ने नहीं घटाए दाम
अभी सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
प्राइवेट कंपनी का पेट्रोल-डीजल सस्ता
देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपए प्रति लीटर की कमी की है। अब भोपाल में नायरा के पेट्रोल की कीमत 119.79 रुपए से घटकर 114.79 रुपए और डीजल 102.57 रुपए से घटकर 99.57 रुपए पर आ गया है।
कच्चे तेल की कीमत घटने पर फैसला
27 फरवरी को अमेरिका-ईरान जंग से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 72 डॉलर प्रति बैरल पर थे, जो युद्ध के के दौरान 110 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए थे। दोनों देशों के बीच समझौते के बाद अब वापस कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं। इसके बाद नायरा ने पेट्रोल-डीजल के दाम कम किए।