Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

0 अदन की खाड़ी में आईएनएस त्रिकंड के मार्कोस कमांडों को देखते ही भाग निकले लुटेरे

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस त्रिकंड ने बुधवार रात अदन की खाड़ी में एक व्यापारी जहाज पर समुद्री लुटेरों के हमले की कोशिश नाकाम कर दी। जहाज एमवी गोल्डन  Golden Arsenal पर एक भारतीय चालक दल का सदस्य भी मौजूद था और यह भारत के लिए महत्वपूर्ण कार्गो लेकर आ रहा था।

नौसेना के पहुंचते ही समुद्री लुटेरे मौके से फरार हो गए। इसके बाद मार्कोस कमांडो ने जहाज पर चढ़कर उसे पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया। समुद्री लुटेरों ने जहाज पर चढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद चालक दल के सदस्यों ने संचार माध्यम के जरिए अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही मिशन पर तैनात आईएनएस त्रिकंड मौके पर पहुंचा। युद्धपोत को आते देख लुटेरे भाग निकले।

सुरक्षित कमरे में छिपकर क्रू मेंबर्स ने नेवी को दी सूचना
अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही समुद्री डाकुओं ने जहाज पर कब्जा करने की कोशिश की, क्रू मेंबर्स ने खुद को एक सुरक्षित कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद उन्होंने तुरंत रेडियो कम्युनिकेशन चैनल के जरिए भारतीय नौसेना को इस हमले की जानकारी दी और मदद मांगी। सूचना मिलते ही मिशन पर तैनात आईएनएस त्रिकंड मौके पर पहुंचा। युद्धपोत को आते देख लुटेरे भाग निकले। इसके बाद भारतीय नौसेना के मार्कोस कमांडो ने जहाज पर चढ़कर तलाशी ली और पूरे पोत को सुरक्षित किया। घटना में किसी तरह के नुकसान या हताहत होने की जानकारी नहीं दी गई है।

भारत के लिए बेहद जरूरी कार्गो लदा हुआ था
सूत्रों के मुताबिक, जिस जहाज पर डाकुओं ने हमला किया था, उसका नाम एमवी गोल्डन आर्सेनल है। इस कमर्शियल जहाज पर भारत के लिए बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण सामान (कार्गो) लदा हुआ था। सबसे खास बात यह है कि इस जहाज के क्रू में एक भारतीय नागरिक भी शामिल था। चालक दल के किसी भी सदस्य के घायल होने या जहाज को कोई नुकसान पहुंचने की तत्काल कोई सूचना नहीं मिली है।

आईएनएस त्रिकंड ने दो महीने में समुद्री लुटेरों की तीसरी कोशिश नाकाम की
इससे पहले 19 जून को भी आईएनएस त्रिकंड ने पश्चिमी हिंद महासागर में व्यापारी जहाज एमवी फरीदा 5  से मिले संकट संदेश पर तत्काल कार्रवाई की थी। भारतीय नौसेना के मुताबिक, समय पर हस्तक्षेप कर संभावित समुद्री डकैती के खतरे को टाल दिया गया और जहाज की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। भारतीय नौसेना ने तब कहा था कि क्षेत्र में एक 'प्राथमिक सुरक्षा साझेदार और प्रथम प्रतिक्रिया बल' के रूप में वह व्यापारी जहाजों की सुरक्षा, समुद्री डकैती से मुकाबला और सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पहले 27 मई को भी भारतीय नौसेना के आईएनएस कोलकाता ने पश्चिमी हिंद महासागर में व्यापारी जहाज एमवी माशाल्लाह 1 के पास संदिग्ध समुद्री डकैती की कोशिश को विफल किया था। हेलीकॉप्टर और बोर्डिंग टीम की मदद से जांच कर खतरे को टाल दिया गया था।

INS त्रिकंड के मार्कोस कमांडो के साथ चालक दल के कर्मचारी।