नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में सोमवार शाम इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचे जहां स्वयं राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
प्रधानमंत्री मोदी के विमान के इंडोनेशिया की हवाई सीमा में प्रवेश करते ही इंडोनेशिया वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने उन्हें जकार्ता हवाई अड्डे तक सुरक्षा प्रदान की। श्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि वह राष्ट्रपति सुबियांतो के स्वागत भाव से अभिभूत हैं और उनके साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री ने लिखा कि जकार्ता में उतरा। हवाईअड्डे पर मेरा स्वागत करने के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के सद्भाव से मैं अभिभूत हूं। वर्ष 2018 में हमने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया, जिससे हमारे लोगों को लाभ हुआ है। इस यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो और मैं विभिन्न क्षेत्रों में इस साझेदारी को और अधिक गति देने के उद्देश्य से चर्चा करेंगे। राष्ट्रपति प्रबोवो और मैं योग्यकार्ता में प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा करेंगे। इससे हमारे राष्ट्रों के बीच घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंध सुनिश्चित होंगे। इंडोनेशिया में रहते हुए, मैं भारतीय समुदाय के साथ बातचीत करने के लिए भी उत्सुक हूं।"
विदेश मंत्रालय ने बताया कि श्री मोदी का स्वागत करने के लिए राष्ट्रपति सुबियांतों के साथ उनके चार मंत्री भी आये थे। वर्ष 2018 में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने के बाद से यह प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। भारतीय समुदाय के लोगों ने भी प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। श्री मोदी आज सुबह तीन देशों इंडोनेशिया, आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की छह दिन की यात्रा पर रवाना हुए थे।
पीएम मोदी इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन भी जाएंगे। 9वीं शताब्दी में बना यह मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित है और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है।
बता दें कि इंडोनेशिया दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन उसकी सांस्कृतिक विरासत पर हिंदू-बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप दिखाई देती है। यहां रामलीला होती है, गरुड़ एयरलाइन है और नोट पर भगवान गणेश की तस्वीर भी छप चुकी है।