0 सीजेआई बोले- हमें कोई धमका नहीं सकता, जानते हैं कोर्ट के बाहर क्या कह रहे और अंदर क्या
नई दिल्ली। 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक विपक्ष के मार्च मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि कोई भी कोर्ट को डरा-धमकाकर दबाव में नहीं ला सकता। ऐसी कोशिशें बेकार हैं। इन पर कोई ध्यान नहीं देता।
उन्होंने कहा कि हमें पता कि कोर्ट के बाहर क्या कहा जा रहा है और कोर्ट के अंदर क्या कहा जा रहा है। हम किसी काल्पनिक दुनिया में नहीं जी रहे हैं। हमें हर बात की जानकारी है।
सीजेआई ने राहुल का नाम लिए बिना यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं में से एक के आचरण पर सवाल करेंगे और उसे सफाई देनी होगी।
12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर में विपक्षी नेताओं और उनके समर्थकों के जुटने से जुड़े मामले में राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य 14 नेताओं को नोटिस जारी किया है। वहीं, एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव आयोग के फैसलों के खिलाफ इन नेताओं की याचिका पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा।
सुप्रीम कोर्ट मार्च के खिलाफ 4 वकीलों ने याचिका दाखिल की
12 अक्टूबर के सुप्रीम कोर्ट मार्च के बाद कोर्ट परिसर में राजनीतिक प्रदर्शन रोकने के नियम बनाने, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और राहुल गांधी समेत नेताओं की मंशा की जांच से जुड़ी याचिका 4 वकील ने दाखिल की है।
1. सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए: याचिकाकर्ताओं के वकील गौरव भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट से उन सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित करवाने के लिए अंतरिम आदेश देने की मांग की, जो राहुल के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के हैं। आरोप है कि तब उन्होंने गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का दिया था। इस पर जस्टिस बागची ने सभी कानूनी एजेंसियों को सीसीटीवी और अन्य डिजिटल फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। यह भी कहा है कि इन्हें कोई भी आकर जमा करा सकता है। प्रदर्शन बुलाने वालों की जिम्मेदारी तय करने की मांग वाली याचिका पर सीजेआई सूर्यकांत ने नोटिस जारी किया। इसमें मांग की गई है कि प्रदर्शन बुलाने वाला व्यक्ति दूसरों पर पड़ने वाले परिणामों की जिम्मेदारी भी ले।
2. केरल कांग्रेस की पोस्ट सीजेआई की अवमानना पर कहा: सुनवाई के दौरान केरल कांग्रेस के सोशल मीडिया पोस्ट को कोर्ट की अवमानना बताते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका के मुताबिक, यह पोस्ट सीजेआई के खिलाफ थी। यह पोस्ट डिलीट की जा चुकी है।
सीजेआई ने ज्ञापन लेने से मना किया, विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट मार्च निकाला
विपक्ष की तरफ से यह याचिका चीफ जस्टिस सूर्यकांत के मिलने से इनकार के बाद दाखिल की गई थी। 11 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत को पत्र लिखा था और ज्ञापन सौंपने के लिए समय मांगा था। सीजेआई ने मना कर दिया था। फिर राहुल, प्रियंका, खड़गे के साथ अन्य विपक्षी सांसद 12 अक्टूबर की शाम अचानक सुप्रीम कोर्ट के अंदर पहुंच गए। उससे पहले सांसदों ने दिल्ली के बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था।