Head Office
SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH
हिमाचली फलों को क्यों नहीं मिलते उचित दाम
मैं यहां मिनिमम स्पोर्ट प्राइस की बात नहीं कर रहा, लेकिन हर मंडी में सरकार की तरफ से दो नुमाइंदे यह तो देख ही सकते हैं कि किस तरह का उत्पाद मंडी में आया है, क्या यह उत्पाद लोकल व्यापारी द्वारा आंके गए मूल्य से और बेहतर तो नहीं है।
सिकुड़ते मध्य वर्ग का संकट ?
आज भारत का मध्य वर्ग सिकुड़ता जा रहा है, निम्न वर्ग का विस्तार हो रहा है और ऐसे में भारतीय अरबपतियों की संपत्ति में पैंतीस फीसद वृद्धि हुई है। यानी भारत अरबपतियों की संपत्ति के मामले में अमेरिका, चीन, जर्मनी, रूस और फ्रांस के बाद विश्व में छठे स्थान पर आ
उम्र का अनुपात भी घटा रहा है प्रदूषण
राजधानी दिल्ली ही नहीं बल्कि अन्य महानगरों में बढ़ते प्रदूषण के कारण जान और जहान दोनों ही खतरे में हैं।
नए भारत में शिक्षकों के समक्ष श्रेष्ठ, संवेदनशील और देशभक्त युवा पीढ़ी के निर्माण की कठिन चुनौती
शिक्षक मनुष्य का निर्माता है। एक शिक्षक की भूमिका बच्चों को साक्षर करने से ही खत्म नहीं हो जाती बल्कि वह अपने छात्रों में आत्मबल, आदर्श, नैतिक बल, सच्चाई, ईमानदारी, लगन और मेहनत की वह मशाल भी जलाता है जो उसे पूर्ण जब हर रिश्ते को बाजार की नजर लग गयी ह
शिक्षा क्रांति ही नहीं, शिक्षक क्रांति हो
गुरु-शिष्य परंपरा भारत की संस्कृति का एक अहम और पवित्र हिस्सा है जिसके कई स्वर्णिम उदाहरण इतिहास में दर्ज हैं।
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की पहल
ईलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाने की मांग करते हुए कहा है कि गाय का भारतीय संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान है।
सहशिक्षा बंद खिड़कियां खोलने की सार्थक दिशा
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सदर अरशद मदनी का एक विरोधाभासी बयान चर्चा में हैं।
टोक्यो पैरालिंपिक : जज्बे, जोश और जुनून से युवा लिख रहे सफलता की नई इबारत
10 मीटर एयर राइफल में गोल्ड जीतने वाली अवनि लेखरा मात्र 19 वर्ष की हैं। वो भारत की ओर से ओलंपिक स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली महिला और सबसे युवा खिलाड़ी हैं।
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय तंत्र में सुधार हो
पिछले वित्तीय संकट से दुनिया बाल-बाल बची थी, जब एक के बाद एक अमेरिकी बैंक धराशायी हो रहे थे।
काबुल का असली गुनहगार कौन?
काबुल जैसे हमले की आशंका पहले से थी। यह डर बना हुआ था कि अफगानिस्तान में फंसे विदेशी नागरिकों की सुरक्षित निकासी के अभियान को कहीं चोट न पहुंचाई जाए।