Head Office
SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH
उप्र में ब्राह्मण पूजन में क्यों जुटे हैं राजनीतिक दल ?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से ठीक पहले सभी राजनीतिक दलों के लिए ब्राह्मण क्यों हो गये हैं महत्वपूर्ण? नेताओं की ओर से ब्राह्मणों की दशा दिशा सुधारने के क्यों एक दूसरे से बढ़-चढ़कर किये जा रहे हैं वादे? क्या ब्राह्मण भाजपा से नाराज है और इस बार पाला बदल
जिंदगी के रंगों से इतर सुर्खियां बटोरते सियासी रंग
हमारी-आपकी जिंदगी में 'लाल-हरा-नीला-पीला आदि कोई भी खूबसूरत रंग घुल जाए तो जीवन आनंदमय और मन प्रसन्नचित हो जाता है,
जनसंख्या नियंत्रण नीति में सजा का नहीं था प्रावधान, इसलिए आ रहा है कानून !
निर्भीक होकर फैसले लेने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कोई बराबरी नहीं हैएजो वह ठान लेते हैं उसे बिना सियासी नफा.नुकसान सोचे पूरा करके ही छोड़ते हैं।
मानसूत्र सत्र समझ और समझौते को करें विकसित
लोकतंत्र में सफलता की कसौटी है- संसद की कार्रवाही का निर्विघ्न संचालित होना। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत करते हुए इस बात की आवश्यकता व्यक्त की गई।
बढ़ती जनसंख्या से मुंह मोडऩे की कोशिश
उत्तर प्रदेश विधि आयोग की ओर से जनसंख्या नियंत्रण कानून का मसौदा तैयार किए जाने के बाद बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की जनसंख्या नीति भी जारी कर दी। इसी के साथ जनसंख्या नियंत्रण को लेकर जारी बहस और तेज हो गई।
सबके हित में है समान नागरिक संहिता
अदालत ने एक बार फिर सरकार से समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी लागू करने का आग्रह किया है।
कुपोषण एवं भूख की शर्म को दुनिया कैसे धोएं
कोरोना वायरस महामारी से आर्थिक गिरावट आई है और दशकों से भुखमरी एवं कुपोषण के खिलाफ हुई प्रगति को जोर का झटका लगा है।
बढ़ती जनसंख्या और कम होते संसाधन, चुनौतियों से घिरा होगा भविष्य
पूरी दुनिया की आबादी इस समय करीब 7.6 अरब है, जिसमें सबसे ज्यादा चीन की आबादी 1.43 अरब है जबकि भारत आबादी के मामले में 1.35 अरब जनसंख्या के साथ विश्व में दूसरे स्थान पर है।
महिला आयोग के सदस्यों की अर्हता पर सवाल उठने लाज़मी!
उत्तर प्रदेश के महिला आयोग की सदस्या मीना कुमारी का बलात्कार के मुद्दे पर दिया गया एक बयान चर्चा के केंद्र में है।
टीके का अर्थशास्त्र और अर्थव्यवस्था की मजबूती
कोरोना के कारण अर्थव्यवस्था को इस वर्ष भी पिछले वर्ष की तरह झटके सहने पड़े। अर्थव्यवस्था की गति अबाधित रहे,इसके लिए टीकाकरण ही एकमात्र रास्ता है। इस वर्ष के बजट में कोविड टीकाकरण अभियान को 35 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। अप्रैल 2020 में लगे बेहद सख्