नई दिल्ली। गुजरात के कई गावों में रहस्यमयी गोले मिल रहे हैं जो अंतरिक्ष से नीचे गिरे हैं। आसमान से गोले गिरने के बाद गुजरात के इन गावों में हड़कंप मच गया है। अभी तक गुजरात के तीन जिलों में अंतरिक्ष से गिर गोले मिले हैं। वडोदरा के तीन गावों में ऐसे मलबे मिले हैं। गेंद की आकार के इन गोलों को देखकर हर कोई हैरत में पड़ गया है। गुजरात के गांवों में मिलने वाले इन गोलों की भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) जांच करेगा। 12 मई को सबसे पहले गुजरात के आणंद जिले के भालेज, खंभोलज और रामपुरा गावों में सबसे पहले अंतरिक्ष से गिरे गोले मिले थे। फिर खेड़ा जिले के चकलासी गांव में ऐसे गोले मिले। इनमें कुछ गोले धातु की गेंदों की तरह हैं। 14 मई को वडोदरा जिले के सावली गांव में भी ऐसा ही गोला मिला है। स्थानीय फोरेंसिक साइंस लैबोरेट्रीज (एफएसएल) के विशेषज्ञों ने बायोहैजर्ड्स इलाकों की जांच की जो इंसानों और जानवरों को प्रभावित कर सकते हैं। ग्रामीण वडोदरा के एसपी रोहन आनंद का कहना है कि सावली में पाए गए वस्तुओं को जांच के लिए गांधीनगर में फोरेंसिक विज्ञान निदेशालय (डीएफएस) भेजा जाएगा। आणंद के एसपी अजीत राजियन का कहना है कि जिले के तीन गांवों में गिर गोले मिश्र धातुओं से बने हुए लगे रहे हैं। उनका कहना है कि इसका इस्तेमाल रॉकेट छोड़ने के दौरान होता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गेंदों का वजन पांच किलोग्राम है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, खेड़ा के एसपी राजेश गढ़िया अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) के वैज्ञानिकों से संपर्क साधा है ताकि इन संदिग्ध गोलों की जांच की जा सके। पीआरएल अंतरिक्ष विभाग के तहत आने वाला एक स्वायत्त संस्थान है। अब जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि आखिर यह क्या चीज है। चीन के प्रक्षेपण वाहन का हो सकता है मलबा हार्वर्ड स्मिथसोनियन सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के खगोलशास्त्री जोनाथन मैकडॉवेल का कहना है कि यह चीन के प्रक्षेपण वाहन चांग झेंग 3 बी सीरियल Y86 का मलबा हो सकता है। सोशल मीडिया पर अलग-अलग किए जा रहे दावे गुजरात के कई गावों में गोले गिरने की घटनाएं सामने आने के बाद इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया भी वायरल हो गई हैं। इंटरनेट पर यूजर्स इन गेंदों को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं। कई सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि ये एलियंस के गोले हैं। हालांकि अब यह जांच के बाद ही पता चल पाया कि आखिर ये गोले किस चीज के हैं और क्या हैं?