जम्मू। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर रामबन जिले के खूनी नाला मगरकोट के पास सुरंग निर्माण का काम शुरू होते ही गुरुवार की देर रात पहाड़ दरककर नीचे आ जाने से 10 मजदूर लापता है। इसके साथ ही खोदाई में लगी मशीनरी भी दब गई है। बचाव कार्य जारी है। कई टीमें मौके पर डटी हैं। मलबा नीचे आने के साथ ही हाईवे पर वाहनों को रोक दिया गया है। इससे सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन रास्ते में फंस गए हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने हादसे पर दुख जताया है।
खूनी नाला के पास सुरंग के एक ट्यूब का निर्माण पूरा हो गया है। जम्मू से श्रीनगर की ओर जाने के लिए दूसरे ट्यूब का निर्माण करने के लिए कार्यदायी एजेंसी ने वीरवार की रात लगभग साढ़े 11 बजे जैसे ही मशीनरी को पहाड़ की खोदाई के लिए लगाया वैसे ही पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा नीचे आ गया। इससे काम में लगी पोकलैन मशीन, क्रेन तथा डंपर चपेट में आ गए। कंपनी के 10 मजदूर भी मलबे में दब गए। मौके पर मौजूद दो गार्डों ने भागकर अपनी जान बचाई।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने ट्वीट किया, ''मैं रामबन के उपायुक्त से लगातार संपर्क में हूं। लगभग 10 श्रमिक मलवे में दबे हुए हैं। दो अन्य को बचा लिया गया है जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बचाव अभियान जारी है। नागरिक प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।''
घटना की जानकारी मिलते ही रामबन उपायुक्त मसरत इस्लाम व एसएसपी मोहिता शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। एंबुलेंस को भी मौके पर बुलाकर तैयार रखा गया है ताकि मलबे में दबे मजदूरों के बाहर निकालते ही उन्हें अस्पताल पहुंचाया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि मलबे को हटाने का काम जारी है। अतिरिक्त मशीनरी भी लगाई गई है ताकि जल्द से जल्द मलबे को हटाया जा सके। एसडीआरएफ को भी बुलाया गया है।