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नई दिल्ली। कोविड के बाद अब दुनिया पर मंकीपॉक्स वायरस का खतरा मंडरा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे लेकर चेताया है कि मंकीपॉक्स संक्रमण तेज हो सकता है। अब तक अफ्रीका, यूरोप के नौ देशों के अलावा अमेरिका, कनाडा व आस्ट्रेलिया में भी इसके मामले मिले हैं। इसे देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने भी राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र और आईसीएमआर को स्थिति पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया है। आइये जानते हैं इस नए संक्रमण से जुड़ी 10 बड़ी बातें।

मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों के बीच डब्ल्यूएचओ की यूरोप इकाई ने शुक्रवार को इस मामले में आपात बैठक की। इसके एक शीर्ष अधिकारी ने बैठक के बाद कहा कि गर्मी बढ़ने के साथ ही यह वायरस और तेजी से फैल सकता है।  डब्ल्यूएचओ के यूरोप स्थित क्षेत्रीय निदेशक हैंस क्लग का कहना है कि बड़े पैमाने पर होने वाले समारोहों, त्योहारों व पार्टियों आदि में यदि कोई मंकीपॉक्स संक्रमित शरीक हुआ तो वह अन्य लोगों में संक्रमण फैला सकता है।

मंकीपॉक्स से जुड़ी बड़ी बातें
मंकीपॉक्स चेचक से मिलता-जुलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि बीमारी का संचरण मां से भ्रूण (जिससे जन्मजात मंकीपॉक्स हो सकता है) या जन्म के दौरान और बाद में निकट संपर्क के माध्यम से भी हो सकता है। 
संक्रमित व्यक्ति से निकट शारीरिक संपर्क सबसे अधिक जिम्मेदार है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या मंकीपॉक्स संक्रमित व्यक्ति से यौन संबंधों के जरिए भी फैलता है। 
यूरोप में इसके अब तक 100 से ज्यादा मामले मिल चुके हैं। स्पेन में शुक्रवार को 24 मामले मिले। 
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि देश में फिलहाल इसकी जोखिम कम है, लेकिन कुछ समय बाद यह बढ़ सकता है। इसके अधिकांश मामले निकट संपर्क के कारण हुए हैं, इसका आगे अध्ययन किया जा रहा है। 
यह आमतौर पर पश्चिमी व मध्य अफ्रीकी देशों में मंकीपॉक्स वायरस के कारण फैला है। यह कोविड वायरस जितना संक्रामक नहीं है। 
इस बात की आशंका कम है कि यह महामारी लंबे समय तक चलेगी। संक्रमितों को आइसोलेट कर इस पर काबू किया जा सकता है। दवाएं और प्रभावी टीके भी उपलब्ध हैं।
मनुष्यों में मंकीपॉक्स के लक्षण चेचक के समान लेकिन हल्के होते हैं। मंकीपॉक्स आमतौर पर बुखार, चकत्ते और सूजी हुई लिम्फ नोड्स के साथ मनुष्यों में प्रकट होता है। 
इससे कई प्रकार की स्वास्थ्य जटिलताएं हो सकती हैं। मंकीपॉक्स आमतौर पर दो से चार सप्ताह तक चलने वाली बीमारी है। 
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि हाल के दिनों में मृत्यु अनुपात लगभग 3 से 6 फीसदी रहा है। मंकीपॉक्स वायरस घावों, शरीर के तरल पदार्थ, श्वसन बूंदों और बिस्तर से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। 
बड़े समारोहों, त्योहारों व पार्टियों आदि में यदि कोई मंकीपॉक्स संक्रमित शरीक हुआ तो वह अन्य लोगों में संक्रमण फैला सकता है।

मंडाविया ने दिया हवाई अड्डों व बंदरगाहों पर सतर्कता का निर्देश
इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंकीपॉक्स को लेकर राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र और आईसीएमआर को कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हवाईअड्डे और बंदरगाह के स्वास्थ्य अधिकारियों को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया है। मंकीपॉक्स प्रभावित देशों की यात्रा के इतिहास वाले किसी भी बीमार यात्री को अलग कर दिया जाए और नमूने जांच के लिए पुणे में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की बीएसएल4 सुविधा को भेजे जाएं।