नई दिल्ली। ऑल इंडिया बैकवर्ड एंड माइनॉरिटी कम्युनिटीज एम्प्लाइज फेडरेशन (BAMCEF) ने आज 25 मई को 'भारत बंद' की घोषणा की है। इस बंद का असर कई सेवाओं पर पड़ सकता है।
कई संगठनों ने दिया साथ: वामन मेश्राम
बामसेफ के अध्यक्ष वामन मेश्राम ने कहा कि हमारे भारत बंद में राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा, बहुजन मुक्ति मोर्चा और कई अन्य संगठनों ने समर्थन दिया है।
समाजवादी पार्टी का मोदी सरकार पर हमला
समाजवादी पार्टी के नेता अनुराग भदौरिया ने कहा कि हिंदुस्तान में कई जातियां रहती हैं और उनके लोग यदि जातिगत जनगणना चाहते हैं को उसमें दिक्कत क्या है? चुनाव के समय तो भाजपा बहुत तेजी से जाति और धर्म का मुद्दा उठाती है और जब जातिगत जनगणना की बात आती है तो पैर खींच लेती है।
यूपी, बिहार में हो सकता है बंद का असर
बिहार में इसका असर दिख सकता है, क्योंकि वहां की राजनीति में जातिगत जनगणना का मुद्दा कुछ अधिक ही छाया हुआ है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव काफी समय से इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं। वहीं ईवीएम का मुद्दा यूपी में अधिक उठ रहा था इसलिए बंद का असर थोड़ा यूपी में भी दिख सकता है।
इन मुद्दों पर भारत बंद बुलाया गया है
चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल नहीं
जाति आधारित जनगणना।
निजी क्षेत्र में एससी/एसटी/ओबीसी आरक्षण।
किसानों को एमएसपी की गारंटी
एनआरसी/सीएए/एनपीआर का कोई कार्यान्वयन नहीं।
पुरानी पेंशन योजना की बहाली।
ओडिशा और मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण में पृथक निर्वाचक मंडल।
पर्यावरण संरक्षण की आड़ में आदिवासी लोगों का विस्थापन नहीं।
टीकाकरण को वैकल्पिक बनाना।
कोविड -19 लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों के खिलाफ गुप्त रूप से बनाए गए श्रम कानूनों के खिलाफ संरक्षण।
इन सेवाओं पर असर
भारत बंद कुछ राज्यों में सार्वजनिक परिवहन और बाजार को प्रभावित कर सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु में दुकानों को बंद कराया जा सकता है। कहीं-कहीं प्रदर्शनकारी रेल को भी रोक सकते हैं। हालांकि इसका देशव्यापी असर नहीं पड़ने वाला है। भारत बंद आयोजको ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से अपील की है कि वे अपनी दुकानों को आज बंद रखें। वहीं लोगों से इस बंद को सफल बनाने की भी अपील की गई है।