रांची। राज्यसभा चुनाव काे लेकर एक ओर जहां झामुमाे ने कहा है कि वह अपना उम्मीदवार खड़ा करेगा। इसके बावजूद कांग्रेस ने अभी आस नहीं छाेड़ी है। शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस की बैठक हुई, लेकिन उसमें कोई निर्णय नहीं हुआ। कांग्रेस काे अब भी झामुमाे के सीधे जवाब का इंतजार है।
संभव है कि दाे दिनाें के भीतर कांग्रेस का इंतजार खत्म भी हाे जाए। झामुमाे ने शनिवार काे पार्टी पदाधिकारियाें की बैठक बुलाई है, जिसमें खासताैर पर राज्यसभा चुनाव पर विचार-विमर्श किया जाएगा। झामुमाे के कार्यकारी अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत साेरेन इस बैठक में शामिल हाेंगे।
संभावना है कि झामुमाे की 28 मई काे हाेने वाली बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत साेरेन पार्टी का निर्णय लेकर दिल्ली जाएं। अगर मुख्यमंत्री दिल्ली जाते हैं, ताे साेनिया गांधी से मुलाकात के बाद राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार के मामले का पटाक्षेप हाे सकता है।
क्षेत्रीय पार्टियां ही देश में भाजपा का मुकाबला कर रही हैं : सुप्रियो
झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने शुक्रवार को कहा है कि झामुमो का राज्यसभा चुनाव के लिए स्पष्ट अंकगणित है। झामुमो का स्वभाविक हक बनता है, इसलिए अपना प्रत्याशी देगा। कांग्रेस हमें गठबंधन धर्म के नाम पर कम नहीं आंके। कांग्रेस ने पिछले राज्यसभा चुनाव में गुरुजी जैसे कद्दावर नेता के खिलाफ कैंडिडेट खड़ा किया था। कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि क्षेत्रीय पार्टियां ही भाजपा का मुकाबला कर रही हैं।
झामुमो से इनके नामों की चर्चा
बहरहाल झामुमो की और से केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य और CM की पत्नी कल्पना सोरेन की चर्चा है, लेकिन इसके अलावा कोई अप्रत्याशित नाम भी हो सकता है, पर वह झारखंड के भीतर का ही होगा।
कांग्रेस चाहती है गठबंधन का उम्मीदवार उसका हो
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय ने जब मुख्यमंत्री हेमंत साेरेन से मुलाकात की थी, जिसमें खासताैर पर राज्यसभा चुनाव काे लेकर बातचीत हुई थी। उन्होंने उस समय मुख्यमंत्री काे दिल्ली आने का न्याैता दिया था। हालांकि CM का दिल्ली दाैरा नहीं हाे पाया है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस झामुमाे से समर्थन मिले बिना या अंकगणित ठीक हुए बिना अपना उम्मीदवार उतारने के मूड में नहीं है। कांग्रेस गठबंधन की ओर से अपना उम्मीदवार देने के पक्ष में है। अगर बात बनती है ताे सुबोधकांत सहाय, डॉ. अजय कुमार, गाैरव वल्लभ और प्रणव झा के नाम हैं। हालांकि, कांग्रेस अंतिम समय में किसी बड़े केंद्रीय नेता को भी टिकट दे सकती है।