Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

न्यूयार्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने भारत के हिंदी भाषा के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ये घोषणा शुक्रवार को की गई। इसके अलावा ​​​​बांग्ला और उर्दू भाषा भी शामिल की गई हैं। अब UN के सभी कामकाज और जरूरी संदेश इन भाषाओं में भी पेश किए जाएंगे। भारत ने इस फैसले कि सहारना की है। इसके अलावा अरबी, चीनी, अंग्रेजी, फ्रेंच, रूसी और स्पेनिश संयुक्त राष्ट्र की 6 आधिकारिक भाषाएं हैं, जिसमें अंग्रेजी और फ्रेंच मुख्य हैं।

हिंदी सहित बांग्ला और उर्दू भाषा को किया शामिल
UNGA में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत TS तिरुमूर्ति ने बताया कि इस साल पहली बार प्रस्ताव में हिंदी भाषा को भी शामिल किया गया है, जिसमें बांग्ला और उर्दू का भी जिक्र है। हम इन बदलाव का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा- भारत 2018 से संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक संचार विभाग (DGC) के साथ साझेदारी कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र के समाचार और मल्टीमीडिया कंटेंट को हिंदी भाषा में प्रसारित करने और मुख्य बनाने के लिए फंड भी दे रहा है।

2018 में शुरु की थी हिंदी @ UN' परियोजना
हिंदी को बढ़ावा देने के कई प्रयास किए हैं। इसके लिए 2018 में हिंदी @ UN' परियोजना शुरू की गई थी, जिसका लक्ष्य हिंदी भाषा में संयुक्त राष्ट्र की सार्वजनिक पहुंच को बढ़ाना और दुनिया भर में हिंदी बोलने वाले लोगों को ज्यादा से ज्यादा कंटेट देना था।

संयुक्त राष्ट्र में बहुभाषावाद को सही मायने में अपनाया जाए- तिरुमूर्ति
तिरुमूर्ति ने 1 फरवरी, 1946 को पहले सत्र में अपनाए गए UNSC के प्रस्ताव 13(1) का भी जिक्र किया। इसमें कहा गया था कि संयुक्त राष्ट्र अपने उद्देश्यों को तब तक हासिल नहीं कर सकता जब तक कि दुनिया के लोगों को इसके लक्ष्य के बारे में पूरी जानकारी न हो। उन्होंने आगे कहा कि यह जरूरी है कि संयुक्त राष्ट्र में बहुभाषावाद को सही मायने में अपनाया जाए और भारत इसे हासिल करने में संयुक्त राष्ट्र का समर्थन करेगा।

जानें कितनी ताकतवर है संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद, भारत इस महीने कर  रहा है अध्यक्षता | News on AIR