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नई दिल्ली। खाड़ी देश कुवैत में भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले भारतीय दोबारा कभी कुवैत वापस नहीं लौट पाएंगे। जल्द ही उन्हें वापस भारत भेज दिया जाएगा। इसके बाद शायद ही कुवैत सरकार उन्हें वापस आने की मंजूरी दे। दरअसल, कुवैत में अप्रवासियों के लिए श्रम कानून इतने सख्त हैं कि इनका उल्लंघन करना वहां 'पाप' के समान है। और कुवैत सरकार द्वारा कानून का पालन न करने पर नरमी की कोई संभावना नहीं रहती। 

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रम कानूनों के मामले में अप्रवासियों के लिए अलग से नियम बनाए गए हैं। इसमें अप्रवासी कामगारों को कुवैत में किसी भी प्रकार का प्रदर्शन या धरना देने की अनुमति नहीं है। इसके बाद भी वहां रह रहे भारतीयों और एशियाई नागरिकों ने नुपुर शर्मा के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें वापस भारत भेजने का फैसला किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें जल्द ही वापस भेज दिया जाएगा। 

क्या है पूरा मामला?
भारत की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा के खिलाफ 10 जून को कुवैत में प्रदर्शन किया गया था। फहाहील इलाके में हुए इस प्रदर्शन में भारतयों समेत अप्रवासी एशियाई नागरिक शामिल हुए थे। इसके बाद कुवैत सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और उन्हें उनके देश वापस भेजने का फैसला किया। 

दोबारा नहीं लौट पाएंगे कुवैत 
नियमों के तहत कानून का उल्लंघन करने पर कुवैत सरकार अप्रवासियों को वापस उनके देश भेज देती है। इसके अलावा दोबारा उनके देश आने पर प्रतिबंध भी लगा देती है। ऐसे में प्रदर्शन करने वाले भारतीय दोबारा कुवैत नहीं जा पाएंगे। 

भारत सरकार की तरफ से भी नहीं मिलेगी मदद
इस मामले में भारत सरकार की तरफ से भी कोई मदद मिलने की उम्मीद नहीं है। दरअसल, कुवैत में भारतीय दूतावास की ओर से पहले से ही इस मामले में एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। दूतावास का कहना है कि यहां काम करने वाले कामगारों को कुवैत के नियमों का पालन करना होगा। ऐसे में भारत सरकार भी उनकी कोई मदद नहीं कर पाएगी।