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पटना। केंद्र सरकार द्वारा मंगलवार को सेना में शॉर्ट कमीशन के लिए घोषित की गई अग्निपथ योजना को लेकर बिहार में बवाल मच गया है। योजना का विरोध करते युवाओं ने बक्सर में ट्रेन पर पथराव किया तो मुजफ्फरपुर में सड़कों पर हंगामा किया जा रहा है। कई जगह चक्काजाम की भी खबर है। 

सेना में भर्ती नियमों में बदलाव का बिहार के युवा कड़ा विरोध कर रहे हैं। सेना में भर्ती की तैयारी में जुटे युवाओं ने नई योजना का विरोध करते हुए पटना जा रही पाटलिपुत्र एक्सप्रेस ट्रेन पर बक्सर में पथराव किया। काशी पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस समेत कुछ ट्रेनों को रोके जाने की भी खबर है। मुजफ्फरपुर में प्रदर्शनकारियों ने चक्कर मैदान व रेलवे स्टेशन के पास हंगामा किया। यहां चक्काजाम की भी खबर है। सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर गोलंबर में सैकड़ों युवा नारेबाजी करते दिखे। यहां एनएच 28 चक्काजाम किया गया। पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच गतिरोध कायम है। 

अग्निवीरों को केंद्रीय बलों व असम राइफल्स में प्राथमिकता देंगे : गृह मंत्रालय
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि ‘अग्निपथ योजना’ के तहत चार साल पूरा करने वाले अग्निवीरों को केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPFs) और सेना की असम राइफल्स में भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी। गृह मंत्रालय ने ट्वीट कर बुधवार को यह बात कही। 

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपने ट्वीट में लिखा है कि अग्निपथ योजना, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी व स्वागत योग्य है। अग्निपथ योजना से प्रशिक्षित युवा आगे भी देश की सेवा और सुरक्षा में अपना योगदान दे पाएंगे। इस निर्णय पर विस्तृत योजना बनाने का काम शुरू हो गया है।

अग्निपथ योजना क्या है?
'अग्निपथ भर्ती योजना' के तहत युवाओं को चार साल की अवधि के लिए सेना में शामिल होने का मौका मिलेगा। साढ़े 17 साल से 21 साल के युवा लड़के और लड़कियां इसके लिए पात्र होंगे।  इसके लिए 10वीं से लेकर 12वीं तक के छात्र आवेदन कर सकेंगे। इसकी शुरुआत 90 दिन के भीतर हो जाएगी। इस साल 46 हजार अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी। पहली भर्ती प्रक्रिया में युवाओं को छह महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग का समय भी चार साल में शामिल होगा। 

हर अग्निवीर को भर्ती के साल 30 हजार महीने तनख्वाह मिलेगी। इसमें से 70 फीसदी यानी 21 हजार रुपये उसे दिए जाएंगे। बाकी 30 फीसदी यानी नौ हजार रुपये अग्निवीर कॉर्प्स फंड में जमा होंगे। इस फंड में इतनी ही राशि सरकार भी डालेगी। दूसरे साल अग्निवीर की तनख्वाह बढ़कर 33 हजार, तीसरे साल 36.5 हजार तो चौथे साल 40 हजार रुपये हो जाएगी।