कोलकाता। शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में गिरफ्तार ममता बनर्जी सरकार में उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर से शुक्रवार को 21 करोड़ रुपए कैश बरामद हुए थे। अर्पिता अभी ED की हिरासत में है। इधर, भाजपा ने दावा किया है कि पार्थ चटर्जी की एक और करीबी मोनालिसा दास भी इस घोटाले में शामिल है।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने दावा किया है कि मोनालिसा दास एक टीचर हैं, जो पार्थ की करीबी हैं। दास के पास 10 फ्लैट हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए। वहीं मोनालिसा ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईडी जल्द ही इस केस में मोनालिसा से भी पूछताछ कर सकती है।
अर्पिता बोली- कानून पर भरोसा, कुछ गलत नहीं किया
रविवार को ईडी अर्पिता मुखर्जी को कोलकाता के एक अस्पताल ले गई। अस्पताल से पहले अर्पिता ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा- मुझे कानून पर पूरा भरोसा है। मैंने कुछ गलत नहीं किया है। मुझे न्याय जरूर मिलेगा। दो दिन की पूछताछ में ED ने अर्पिता से अकूत संपत्ति कहां से आई, इसके बारे में पूछा।
पार्थ के बयान पर मंत्री फिरहाद ने सवाल उठाया
गिरफ्तारी के बाद पार्थ चटर्जी ने बयान दिया था कि उन्होंने ममता बनर्जी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। पार्थ के इस बयान पर उनके सहयोगी और बंगाल सरकार में मंत्री फिरहाद हकीम ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा- जब ईडी ने उनका फोन जब्त कर लिया, फिर उन्होंने मुख्यमंत्री को फोन कैसे लगाया?
ममता ने चुप्पी साधी, टीएमसी बोली- फैसले का इंतजार
पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी पर ममता बनर्जी ने चुप्पी साध ली है। पार्टी के दिग्गज नेता इस पूरे केस पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। वहीं शनिवार को मंत्री फिरहाद हकीम और टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। हकीम ने कहा कि कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। फिर आगे की कार्रवाई करेंगे।