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नई दिल्ली। लोक सभा स्पीकर ओम बिडला ने सोमवार को सदन में हंगामा कर रहे विपक्षी दल के सदस्यों को चेतावनी दी कि वे सदन में तख्तियां नहीं दिखाएं। उन्होंने कहा कि ‘मेरी दरियादिली को मेरी कमजोरी नहीं समझें। दरअसल, महंगाई और जीएसटी जैसे मुद्दों पर कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा किया।

देश के 15वें राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मू के शपथ ग्रहण समारोह के चलते सोमवार को सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे से शुरू हुई थी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला ने प्रश्नकाल शुरू करने को कहा। लेकिन कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। बिडला ने हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल शुरू कराया। इस दौरान कुछ सदस्यों ने पूरक प्रश्न पूछे और संस्कृति राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उनके उत्तर दिये।

इस बीच, विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए। उनके हाथों में तख्तियां थीं जिन पर एलपीजी सिलेंडर सहित जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी, कई वस्तुओं पर जीएसटी की दरें बढ़ाये जाने जैसे मुद्दों का जिक्र किया गया था।

लोकसभा अध्यक्ष बोले- सरकार चर्चा को तैयार
शोर-शराबा करने वाले सदस्यों से अपने स्थान पर लौटने की अपील करते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा, ‘मेरी दरियादिली का अलग अर्थ नहीं निकालें। तीन बजे बाद सदन में चर्चा करवाने के लिए तैयार हूं। सरकार चर्चा कराने को तैयार है। उन्होंने कहा कि लेकिन यदि तख्तियां ही दिखानी हैं तो तीन बजे बाद सदन के बाहर दिखाइएगा। बिडला ने कहा कि तीन बजे के बाद तख्तियां और नारे सदन के बाहर ही दिखा पाएंगे। हंगामे के कारण सदन कार्यवाही शुरू होने के करीब 20 मिनट बाद दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
तीन बजे बाद जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो कुछ सदस्य फिर तख्तियां लेकर आ गए। संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने स्पीकर से कहा कि वे तख्तयां दिखा रहे सदस्यों को डिस्क्वालिफाय कर दें। लगातार हंगामें के बाद सदन की कार्रवाई मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

कांग्रेस के 4 सांसद पूरे सत्र के लिए सस्पेंड
ये लोकसभा की कार्यवाही के दौरान सदन में पोस्टर लहरा रहे कांग्रेस के 4 सांसदों को लोकसभा अध्यक्ष ने पूरे सत्र के लिए सदन से सस्पेंड कर दिया है। ये सदस्य हैं - मणिकम टैगोर, राम्या हरिदास, ज्योतिमणि और टीएन प्रताप। इसके चलते लोकसभा स्पीकर ने कांग्रेस सांसदों पर यह कार्यवाही की है। कांग्रेस ने इस पर कहा कि सरकार हमारे सांसदों को डराने की कोशिश कर रही है जबकि वे लोगों के हित के मुद्दे उठाने की कोशिश कर रहे थे।