0 बोले- नेताओं के कहने पर दीं नौकरियां
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में जुटी ईडी ने शनिवार को पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी के करीबी अर्पिता मुखर्जी से जुड़ी 8 कंपनियों के बैंक खाते को फ्रीज कर दिया है। 7वें दिन के पूछताछ में पार्थ ने घोटाले में खुलासा करते हुए कहा कि नेताओं के कहने पर नौकरियां दीं।
ईडी सूत्रों के मुताबिक शनिवार को अर्पिता और पार्थ को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। अर्पिता के घर 28 जुलाई को छापेमारी के दौरान ईडी को करीब 28 करोड़ कैश मिले थे। उधर, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के घर के सामने प्रदर्शन कर रहे कैंडिडेट्स को पुलिस ने हटा दिया है। कैंडिडेट्स अभिषेक से मिलना चाहते थे। पुलिस उन्हें सुबह से हटने का कह रही थी। वो नहीं हटे तो बलपूर्वक हटाया गया।
पेंटहाउस के बारे में जानकारी मिली, 2 फ्लैट भी
ईडी सूत्रों के अर्पिता के जिस फ्लैट से 22 करोड़ रुपए कैश मिले थे, उस सोसाइटी में पार्थ ने अलग-अलग नामों से एक पेंटहाउस और दो फ्लैट्स खरीद रखे हैं। छापेमारी के बाद सोसाइटी के ऐप से इन फ्लैट्स के बारे में जानकारी हटा दी गई है। आनंदबाजार पत्रिका ने सोसाइटी में रहने वाले लोगों के हवाले से बताया कि मकान के 19वीं और 20वीं मंजिल पर दो फ्लैट्स हैं, जबकि सबसे ऊपर पेंटहाउस बनाया गया है। रहवासियों ने बताया कि पार्थ कभी-कभी इस पेंटहाउस में आते थे।
50 करोड़ मिलने के बाद 15 ठिकानों पर छापे की तैयारी में ईडी
डायमंड सिटी और बीरभूम के करीब 15 ठिकानों पर ईडी छापेमारी की तैयारी में है। अब तक ईडी ने दो रेड में करीब 50 करोड़ रुपए कैश बरामद किए हैं। वहीं ईडी की पूछताछ में अर्पिता ने कबूल किया कि सारा पैसा पार्थ का है।
सीबीआई और आयकर विभाग की भी एंट्री हो सकती है
ईडी की जांच पूरी होने के बाद जल्द ही इस मामले में सीबीआई और आयकर विभाग की भी एंट्री हो सकती है। आयकर विभाग बेनामी संपत्ति के मामले में पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी से सवाल-जवाब कर सकता है। यह भी खबर है कि जो 4 कारें गायब हैं, उनका अभी तक पता नहीं लगा है। ईडी के अधिकारियों को शक है कि इन कारों में रुपए भरकर भेजे गए।