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जोधपुर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देशवासियों को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि चाहे किसी भी हद तक जाना पड़े भारत की आन, बान, शान, मान और सम्मान पर कोई आंच नहीं आने दी जायेगी। श्री सिंह आज जोधपुर जिले के सालवा कलां में साहस, शौर्य और स्वामीभक्ति के प्रतीक वीर दुर्गादास राठौड़ की प्रतिमा का अनावरण के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि बहुत सारे लोग गलतफहमी पैदा करने की कोशिश करते हैं और कह रहे है कि चीन ने यह कर दिया, वह कर दिया, कैसे होती है सीमाओं की सुरक्षा। उन्होंने कहा कि ऐसी बातें करने वाली राजनीतिक पार्टियों को जहां देश के मान सम्मान की बात आती है वहां राजनीति नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोई राजनेता सीमा पर जाकर सीमाओं की रक्षा नहीं करता, इन्हीं माताओं की कोख से जन्में लाल ही सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं और अवसर आने पर अपना बलिदान देने में भी पीछे नहीं हटते और देश की सीमा में किसी को घुसने नहीं दिया हैं। उन्होंने वीर दुर्गादास के त्याग को याद करते हुए कहा कि राजनीति सत्ता बनाने के लिए नहीं, राजनीति समाज एवं देश बनाने के लिए की जाती हैं।

श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सीना 56 इंच चौड़ा बताते हुए कहा कि उन्होंने देश के मान सम्मान का पूरा ध्यान रखा और उस पर कभी आंच नहीं आने दी। उन्होंने कहा कि पहले देश का सुरक्षा चक्र इतना मजबूत नहीं था लेकिन आज पहले से कही ज्यादा सुरक्षा चक्र मजबूत हुआ हैं और भारत कमजोर देशों में नहीं जबकि ताकतवर देशों में गीना जाने लगा हैं।

उन्होंने कहा कि श्री मोदी के देश को आत्मनिर्भर बनाने के आह्वान पर अब देश में सेना को जरुरत का सामान देश में ही बनने लगा हैं और हमने फैसला कर लिया है कि भारत में बनाओं और पूरी दुनियां के लिए बनाओं। उन्होंने कहा कि पहले 48 से 68 प्रतिशत दूसरे देशों से हथियार, टैंक, गोले आदि सामान आयात करते थे लेकिन अब कम कर दिया गया हैं और केवल 35 प्रतिशत ये सामग्री मंगाते हैं। उन्होंने कहा कि दूनियां में सबसे बड़ा हथियार खरीदने वाला भारत श्री मोदी के नेतृत्व में आज बेचने वाले 25 देशों की कतार में खड़ा हैं।

श्री सिंह ने घर घर तिरंगा अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि तिरंगा हाथ में आते ही अपने आप सीना चौड़ा हो जाता है। उन्होंने कहा कि पारस्परिक सौहार्द एवं भाईचारे का रिश्ता बनाकर रखना चाहिए। कुछ ताकते इसे तोड़ने में लगी हैं। उन्होंने कहा कि उदयपुर की घटना दिल दहलाने वाली घटना थी।
उन्होंने सैनिक स्कूल की मांग पर नियम एवं कानून का हवाला देते हुए कहा कि अगर क्षेत्र में निजी स्कूल खोली जाये जिसमें सैनिक स्कूल जैसी पढ़ाई की व्यवस्था की जा सकती हैं और इसके लिए केन्द्र सरकार पूरी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार से प्रस्ताव भी भिजवाये।