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नई दिल्ली। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने पार्टी अध्यक्ष शरद पवार को आगामी लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश किये जाने से इन्कार करते हुए रविवार को कहा कि वह देश के हालात को देखते हुए विपक्ष की ओर से एक सशक्त भूमिका जरूर निभाएंगे।

राकांपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रफुल्ल पटेल ने पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन के बाद संवाददाताओं से कहा कि श्री पवार आगामी आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश नहीं किये जायेंगे लेकिन देश में व्याप्त महंगाई, बेरोजगारी जैसी विकराल समस्याओं और साम्प्रदायिक शक्तियों की बढ़ रही कारगुजारियों काे देखते वह विपक्ष की तरफ से पूरी सक्रियता से अपना दायित्व पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि श्री पवार पहले भी विपक्षी एकता के लिए सक्रिय और अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं और आगे भी वह अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहेंगे।

इससे पहले श्री पवार को फिर चार वर्ष के लिए सर्वसम्मति से राकांपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। पार्टी अध्यक्ष चुने जाने के बाद श्री पवार ने महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, चीन की घुसपैठ और देश में साम्प्रदायिक तनाव जैसे मसलों पर केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सभी को एकजुट होकर इन समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठानी ही होगी।

उन्होंने पार्टी के राज्य और जिला संगठनों के अध्यक्षों से कहा कि वे राकांपा के समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर कार्यक्रम आयोजित करें और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ माहौल तैयार करने में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि देश के सामने खड़ी समस्याओं को देखते हुए भाजपा के विरुद्ध जनमत तैयार करने की महती आवश्यकता है।

श्री पवार ने कहा कि आगामी दिनों में कई राज्यों में नगर परिषद, जिला परिषद, जिला पंचायत के चुनाव होने वाले हैं, इन चुनावों में पार्टी को नेतृत्व की नयी पीढ़ी तैयार करने का मौका मिलेगा। राकांपा के वरिष्ठ नेता इस अवसर का लाभ उठाते हुए युवाओं को पार्टी से जोड़े और उन्हें आगामी दिनों में बड़ी जिम्मेदारियां निभाने के लिए तैयार करें।

उन्होंने कहा कि पार्टी के जिला एवं राज्य संगठन प्रमुख चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत से अधिक अवसर दें। इसी के साथ ही चुनावों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है और पार्टी उम्मीदवारों के रूप में कम से कम 50 फीसदी युवा जरूर दिखने चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी के पदाधिकारी सप्ताह में दो दिन पार्टी के लिए निकालें और कार्यकर्ताओं और आम जनता की समस्याओं को हल करने का वक्त दें। इससे आम जनता की तकलीफें समझने का अवसर मिलेगा जिससे परेशान लोगों की आवाज जोरदार तरीके से उठाई जा सकेगी।

श्री पवार ने राजधानी में राकांपा का राष्ट्रीय सम्मेलन बेहतर ढंग से आयोजित करने के लिए पार्टी की युवा इकाई के अध्यक्ष धीरज शर्मा और युवा नेता सोनिया दुहान की तारीफ की और कहा कि इन दोनों युवा नेताओं की मेहनत और लगन के कारण अधिवेशन सफल रहा।