0 सोनिया गांधी ने अनुशासन कमेटी के अध्यक्ष एंटोनी को बुलाया
जयपुर/नई दिल्ली। राजस्थान में तीन दिनों से सियासी उठापटक जारी है। राजस्थान कांग्रेस में मुख्यमंत्री कुर्सी को लेकर दो दिनों से मचे घमासान के बीच मंगलवार दोपहर करीब 20 विधायक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात करने के लिए सीएम हाउस पहुंचे। इस मुलाकात को सियासी संकट से जोड़कर देखा जा रहा है। सीएम से मिलने वालों में कुछ मंत्री भी शामिल हैं। इधर सचिन पायलट भी दिल्ली पहुंच गए हैं। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अनुशासन कमेटी के अध्यक्ष एके एंटोनी को दिल्ली बुलाया है।
बताया जाता है कि एंटोनी मंगलवार रात 10 बजे तक दिल्ली पहुंच जाएंगे। एंटोनी मंगलवार देर रात या बुधवार को सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। राजस्थान के घटनाक्रम को देखते हुए एके एंटोनी को बुलाना काफी अहम माना जा रहा है। एंटोनी को अजय माकन की रिपोर्ट पर एक्शन लेने के लिए कहा जा सकता है।
इधर सियासी घटनाक्रम के बीच सचिन पायलट भी दिल्ली पहुंच गए हैं। वे पार्टी आलाकमान से मुलाकात कर सकते हैं। समाचार एजेंसी ने दावा किया कि पायलट ने सोनिया गांधी से बात की है और कहा है कि गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ते हैं तो वह राजस्थान सीएम का पद छोड़ें, लेकिन खुद सचिन पायलट ने ट्वीट कर इसे गलत खबर बताया।
नोटिस का जवाब देने को तैयारः महेश जोशी
कांग्रेस के मुख्य सचेतक और बगावत के मुख्य किरदारों में से एक माने जा रहे महेश जोशी ने कहा कि यदि आलाकमान नोटिस देता है तो मैं जवाब देने को तैयार हूं। कोई सजा देगा तो वह भी भुगत लूंगा। किसी विधायक को जबरन यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के घर नहीं बुलाया गया था। आलाकमान की इच्छा के आगे सब नतमस्तक हैं।
गहलोत गुट के विधायकों के रवैए से सोनिया नाराज
राजस्थान के सियासी संकट को हाईकमान ने गंभीरता से लिया है। रविवार शाम को जयपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बहिष्कार और उसके बाद हुए घटनाक्रम को अनुशासनहीनता माना गया है। कांग्रेस की कार्यकारी चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताई है।
इससे पहले, सोनिया गांधी के निवास 10 जनपथ पर मंगलवार सुबह पार्टी के बड़े नेता पहुंचे। इसमें अंबिका सोनी, गिरिजा व्यास, राजीव शुक्ला जैसे नेता शामिल हैं। ऑब्जर्वर बनकर जयपुर आए मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन भी आज अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे। इस रिपोर्ट पर सोनिया गांधी बैठक करेंगी। माना जा रहा है कि राजस्थान संकट को लेकर आज बड़ा एक्शन लिया जा सकता है।
इससे पहले सोमवार शाम को सोनिया गांधी के आदेश के बाद अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूरे घटनाक्रम पर लिखित रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके खेमे के तीन मंत्रियों और कुछ विधायकों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल और सरकारी मुख्य सचेतक और जलदाय मंत्री महेश जोशी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
अजय माकन और खड़गे की रिपोर्ट में रविवार और सोमवार के घटनाक्रम का फैक्चुअल ब्योरा देने के साथ विधायक दल की बैठक के पैरेलल शांति धारीवाल के घर बैठक बुलाने को हाईकमान के आदेशों और पार्टी की स्थापित परंपरा का उल्लंघन मानते हुए एक्शन लेने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में इस घटना को कांग्रेस हाईकमान को सीधी चुनौती और अनुशासन तोड़कर पार्टी की छवि खराब करने वाला बताया है।
पवन बंसल ने लिया अध्यक्ष पद के लिए नामांकन फॉर्म
इधर पवन बंसल ने आज दिल्ली में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन फॉर्म लिया। मधुसूदन मिस्त्री ने कहा कि पवन बंसल और शशि थरूर नामांकन फॉर्म ले चुके हैं। गहलोत को लेकर कोई अपडेट नहीं हैं। इस बारे में वह कुछ नहीं कह सकते हैं।
इससे पहले, मिस्त्री ने सोनिया गांधी से मुलाकात की और अध्यक्ष चुनाव को लेकर चर्चा की। आज शाम तक कई नए नाम सामने आ सकते हैं। राजस्थान के घटनाक्रम के बाद गहलोत के नाम को लेकर संशय बन गया है।