0 अल हुडा एजुकेशनल ट्रस्ट के ठिकानों की तलाशी
श्रीनगर। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को टेरर फंडिंग से जुड़े मामले में जम्मू-कश्मीर के 8 जिलों में छापेमारी की है। जांच एजेंसी ने राजौरी, पुंछ, जम्मू, श्रीनगर, पुलवामा, बडगाम, शोपियां और बांदीपोरा जिलों में कई ठिकानों की तलाशी ली।
एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में अल हुडा एजुकेशनल ट्रस्ट की संदिग्ध गतिविधियों और टेरर फंडिंग से जुड़े मामले में यह कार्रवाई की है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के साथ मिलकर एनआईए के अफसरों ने ट्रस्ट के सदस्यों के घरों की तलाशी ली।
जमात-ए-इस्लामी का फ्रंटल यूनिट है अल हुडा एजुकेशनल ट्रस्ट
एनआईए ने राजौरी के अल हुडा एजुकेशनल ट्रस्ट के फंडिंग पैटर्न और संदिग्ध गतिविधियों को संज्ञान में लेते हुए मामला दर्ज किया गया था। यह ट्रस्ट अलगाववादी संगठन जमात-ए-इस्लामी के फ्रंटल यूनिट के तौर पर काम करता है। जमात-ए-इस्लामी को 2019 में यूएपीए के तहत एक गैरकानूनी संगठन घोषित किया जा चुका है। एनआईए की कई टीमों ने इनपुट के आधार पर ये छापेमारी की।
लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनआईए ने बांदीपोरा के प्रसिद्ध धार्मिक उपदेशकों दारुल उलूम रहीमिया, मौलाना रहमतुल्लाह कासमी और एनआईटी श्रीनगर के प्रोफेसर समम अहमद लोन के घर पर छापेमारी की है। सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला था कि अल हुडा एजुकेशनल ट्रस्ट को अरब देशों से हवाला के जरिए पैसा आ रहा है।