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नई दिल्ली। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि भारत अगले दो दशकों में वैश्विक ऊर्जा मांग वृद्धि का 25 प्रतिशत उत्पन्न करेगा। मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि श्री पुरी ने यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम द्वारा आयोजित 'भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी में अवसर' पर एक गोलमेज सम्मेलन की अध्यक्षता की।

श्री पुरी ने कहा कि भारत की ऊर्जा रणनीति अंतरराष्ट्रीय स्तर से लेकर हरित परिवर्तन और सभी के लिए ऊर्जा की उपलब्धता, वहनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धताओं के प्रति सचेत है। भारत ने हाइड्रोजन और जैव-ईंधन जैसे उभरते ईंधन के माध्यम से कम कार्बन विकसित करने की दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। वर्तमान चुनौतीपूर्ण ऊर्जा वातावरण के बावजूद भारत की ऊर्जा परिवर्तन और ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन कम करने के प्रति प्रतिबद्धता कम नहीं होने वाली है।

गोलमेज सम्मेलन में 35 कंपनियों के 60 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें एक्सॉनमोबिल, शेवरॉन, चिएनियर, लैंजेटेक, हनीवेल, बेकर ह्यूजेस, एमर्सन, टेल्यूरियन जैसी ऊर्जा कंपनियों के वरिष्ठ नेतृत्व शामिल हैं। इस कार्यक्रम में भारतीय ऊर्जा सार्वजनिक उपक्रमों ने भी भाग लिया।
श्री पुरी ने ट्वीट्स की एक श्रृंखला में कहा कि जैव ईंधन, गैस आधारित अर्थव्यवस्था, हरित हाइड्रोजन, पेट्रोकेमिकल्‍स और अपस्ट्रीम क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच अपार संभावनाएं स्पष्ट हैं और इसे हमारी निजी क्षेत्र की कंपनियों के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के सुधार उपायों के कारण, वैश्विक तेल कंपनियों की भारत में खोज और उत्पादन में अभूतपूर्व रुचि है।