Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

नई दिल्ली। पत्रकार राणा अय्यूब पर चैरिटी के नाम पर लोगों से अवैध तरीके से फंड जुटाने का आरोप है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। ईडी की जांच में सामने आया है कि राणा अय्यूब का मकसद फंड जुटाने के नाम पर सिर्फ आम जनता को धोखा देना था।

राणा ने क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म पर तीन कैंपेन शुरू किए थे
ईडी का आरोप है कि राणा अय्यूब ने एक ऑनलाइन क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म केट्‌टो पर तीन कैंपेन शुरू किए थे और इससे करोड़ों रुपए जुटाए थे। इन कैंपेन के जरिए अप्रैल-मई 2020 के बीच स्लम में रहने वाले लोगों और किसानों के लिए, जून-सितंबर 2020 के बीच असम, बिहार और महाराष्ट्र में राहत कार्य के लिए और मई-जून 2021 में कोरोना प्रभावित लोगों के लिए फंड जुटाया गया।

चैरिटी का पैसा निजी अकाउंट में ट्रांसफर करने का आरोप
इस दौरान राणा अय्यूब को 2.69 करोड़ रुपए का डोनेशन मिला, जिसमें से 80.49 लाख रुपए फॉरेन करेंसी में आए। इसके बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशंस एक्ट (FCRA) का उल्लंघन करने के आरोप में राणा अय्यूब के खिलाफ जांच शुरू की, जिसके बाद अय्यूब ने फॉरेन डोनेशन लौटा दिया।

ईडी के मुताबिक, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जो फंड जुटाया गया वह पहले अय्यूब के पिता और बहन के अकाउंट में आया और यहां से अय्यूब के पर्सनल अकाउंट में ट्रांसफर किया गया। इसमें से 50 लाख रुपए लेकर अय्यूब ने अपने लिए फिक्स्ड अकाउंट खोला, जबकि 50 लाख रुपए दूसरे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए। सिर्फ 29 लाख रुपए राहत कार्यों में इस्तेमाल किए गए।