0 रूसी राष्ट्रपति बोले- ईरान अपनी आजादी के लिए लड़ रहा
मास्को/तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। बैठक में रूस ने ईरान के प्रति खुला समर्थन जताया। रूसी मीडिया के मुताबिक, पुतिन ने कहा कि ईरानी जनता साहस और वीरता के साथ अपनी आजादी और संप्रभुता के लिए लड़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का संदेश मिला है।
अराघची की यह यात्रा ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच हालिया बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। ऐसे में ईरान रूस का समर्थन मजबूत करने में जुटा है।
रूस परमाणु-मुक्त दुनिया का समर्थक
रूसी विदेश मंत्रालय के विशेष दूत और परमाणु अप्रसार संधि (एन.पी.टी.) समीक्षा सम्मेलन में रूसी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख आंद्रेई बेलौसोव ने कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में इस बात की संभावना कम है कि पी-5 देश परमाणु शस्त्रागार को कम करेंगे और उन्हें पूरी तरह से समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। परमाणु अप्रसार संधि का 11वां समीक्षा सम्मेलन आज से न्यूयॉर्क में आयोजित किया जा रहा है और यह 22 मई तक चलेगा। श्री बेलौसोव ने इस बात पर जोर दिया कि रूस परमाणु हथियारों को खत्म करने और "सभी के लिए परमाणु-मुक्त और सुरक्षित दुनिया" स्थापित करने की मानवता की साझा इच्छा का पूरी तरह से समर्थन करता है। रूसी राजनयिक ने स्पुतनिक के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "दूसरा विषय परमाणु शस्त्रागार को कम करके परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन की दिशा में आगे बढ़ने की व्यावहारिक संभावना का है। इस दिशा में प्रगति के लिए अनुकूल सैन्य-राजनीतिक वातावरण बनाने की आवश्यकता है। यह स्वीकार किया जाना चाहिए कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती अस्थिरता, बढ़ते तनाव और हमारे विरोधियों के कारण परमाणु संपन्न देशों के बीच बिगड़ते संबंधों की वर्तमान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ऐसी संभावना नगण्य है। उन्होंने कहा कि अब इस विषय पर बात करने का समय आ गया है। श्री बेलौसोव ने कहा "पश्चिम के देशों को ' अपने परमाणु शस्त्रागार को बढ़ाने, परमाणु आवश्यकताओं के लिए नया ढांचा तैयार करने (जिसमें गैर-परमाणु सहयोगी देशों का क्षेत्र भी शामिल है), और बाद में उन्हें 'परमाणु शून्य' की ओर बढ़ने की इच्छा के रूप में नहीं देखा जा सकता।"
ट्रम्प अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे
वाशिंगटन। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ अहम बैठक करेंगे। इसमें ईरान के साथ जारी तनाव, रुकी बातचीत और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में ईरान पर दोबारा बमबारी शुरू करने के विकल्प पर भी चर्चा हो सकती है।
ट्रम्प बोले- ईरान के पास बहुत कम वक्त बचा है
ट्रम्प ने रविवार को ईरान को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि उसके पास युद्ध खत्म करने के लिए सीजफायर पर सहमत होने के लिए सिर्फ तीन दिन हैं, नहीं तो उसकी तेल पाइपलाइन में ब्लास्ट हो जाएगा। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान तेल का निर्यात नहीं कर पाता, तो पाइपलाइन में दबाव बढ़ेगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि तेल को जहाजों या स्टोरेज टैंकों में भेजने का रास्ता बंद है और उस पर नाकेबंदी लगी हुई है। उन्होंने दावा किया कि जब तेल का बहाव अचानक रोकना पड़ता है, तो पाइपलाइन के अंदर दबाव बनता है और तकनीकी व प्राकृतिक कारणों से वह फट सकती है। ट्रम्प के मुताबिक, अगर ऐसा हुआ तो पाइपलाइन को पहले जैसी हालत में दोबारा बनाना लगभग नामुमकिन होगा और उसकी क्षमता भी काफी घट जाएगी।