Head Office

SAMVET SIKHAR BUILDING RAJBANDHA MAIDAN, RAIPUR 492001 - CHHATTISGARH

tranding

0 आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह 19 जून को स्विट्जरलैंड में
0 राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया में दी समझौते की जानकारी 
0 कहा-दुनिया भर के जहाज़ अपने इंजन चालू करें, तेल का प्रवाह शुरू होने दो

वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के मुद्दे पर राजी हो गए हैं। दोनों देशों के बीच रविवार को जंग खत्म करने के लिए शांति समझौते पर सहमति बन गई और अब आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार 19 जून को स्विट्जरलैंड में होगा।

इस बात की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया में दी है। श्री ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है। सभी को बधाई! मैं इसके ज़रिए होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के खोलने और साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने की मंज़ूरी देता हूं। दुनिया भर के जहाज़ अपने इंजन चालू करें। तेल का प्रवाह शुरू होने दो!। 

वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। दोनों पक्षों ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और हमेशा के लिए रोकने का ऐलान किया है। इस समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार 19 जून को स्विट्जरलैंड में होगा। 

उन्होंने कहा कि हम इस विवाद का कूटनीतिक समाधान खोजने की अपनी प्रतिबद्धता के लिए अमेरिका और ईरान का धन्यवाद करना चाहते हैं। हम इस समझौते तक पहुँचने में मदद के लिए मध्यस्थता की कोशिश में शामिल अपने भाइयों कतर के महान नेतृत्व का भी दिल से आभार व्यक्त करते हैं। मैं सऊदी अरब और तुर्की के दूरदर्शी नेतृत्व का भी विशेष रूप से धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने इस दिशा में बहुत बड़ा योगदान दिया है। 
उन्होंने कहा कि अब जब समझौता हो गया है, तो मध्यस्थ इस हफ़्ते कई बैठकों का आयोजन करेंगे। समझौते को लागू करने से पहले की ये चर्चाएं तकनीकी और आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह के लिए आधार तैयार करेंगी।

ईरान कभी भी परमाणु हथियार प्राप्त नहीं कर पाएगा: वेंस
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा है कि अमेरिका-ईरान समझौता यह पक्का करता है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा। श्री वेंस ने फॉक्स न्यूज़ से कहा, "इसका मतलब है कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा। वह न तो परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करेगा और न ही उन्हें खरीदने या हासिल करने की कोशिश करेगा। यह बात इस समझौते में शामिल है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका इस बात पर नज़र रखेगा कि ईरान समझौते का पालन कर रहा है या नहीं, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि इसके बदले ईरान को क्या मिलेगा। श्री वेंस ने कहा कि यहां एक ऐसा तरीका अपनाया जा रहा है, जिसमें हम जांच-पड़ताल करते रहेंगे और जब ईरान अपनी ज़िम्मेदारियां पूरी करेगा, तो उसे वास्तविक फ़ायदे भी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि अगर ईरान समझौते का पालन करता है, तो अगले पचास सालों में पश्चिम एशिया में बुनियादी बदलाव आएगा और यह इलाका निवेश के लिए ज़्यादा अनुकूल बन जाएगा।

ईरान ने दस्तखत करने से पहले 3 शर्तें रखीं
ईरान-अमेरिका के बीच हुए समझौते का पूरा दस्तावेज अभी जारी नहीं किया गया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा है कि एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद शुरू होने वाली 60 दिन की अमेरिका-ईरान की बातचीत इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका पहले अपने तीन वादे पूरे करता है या नहीं।
गरीबाबादी के मुताबिक अमेरिका को तीन कदम उठाने होंगे- 1. नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना, 2. युद्ध और सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकना, 3. ईरान के फ्रीज्ड फंड जारी करना।

समझौते के मुख्य बिंदु 
0 ईरान, लेबनान और बाकी सभी मोर्चों पर युद्ध तुरंत बंद होगा।
0 अमेरिका और इजराइल फिर कोई नया युद्ध शुरू नहीं करने की गारंटी देंगे।
0 अमेरिका इजराइल की और से भी सुरक्षा गारंटी देगा।
0 होर्मुज से अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जाएगी।
0 ईरानी जहाजों और समुद्री व्यापार पर लगी पाबंदियां खत्म की जाएंगी।
0 30 दिनों के भीतर समुद्री व्यापार को पहले की तरह बहाल किया जाएगा।
0 होर्मुज स्ट्रेट दोबारा खोला जाएगा।
0 ईरान के अरबों डॉलर के फ्रीज फंड जारी किए जाएंगे।
0 शुरुआती चरण में फ्रीज फंड का आधा हिस्सा जारी होगा।
0 ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
0 अमेरिका प्राइमरी और सेकेंडरी दोनों तरह के प्रतिबंधों को हटाने पर बातचीत करेगा।
0 अमेरिका 30 दिनों के भीतर ईरान के आयात के बदले में सैन्य गैजेट्स कम करेगा।
0 ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाने के अपना कमिटमेंट दोहराएगा। 60% समृद्ध यूरेनियम के मुद्दे पर आगे बातचीत होगी।
0 60 दिनों की औपचारिक वार्ता होगी, जिसमें परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों से राहत और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण जैसे मुद्दों पर समझौते की कोशिश होगी।

(नोट- यह मसौदा ईरानी मीडिया के मुताबिक है। अमेरिका ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है)