0 दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद द्विपक्षीय डिफेंस और ट्रेड डील हुई
0 पीएम मोदी ने स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री को भारत आने का दिया न्योता
0 मोदी का वंदे मातरम की परफॉर्मेंस और ब्रेड-नमक से स्वागत
ब्रातिस्लावा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्लोवाकियन पीएम रॉबर्ट फिको के बीच सोमवार को बातचीत के बाद द्विपक्षीय डिफेंस और ट्रेड डील हुई। ब्रातिस्लावा के महल में स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फिको से मुलाकात के बाद मोदी ने फिको को भारत आने का न्योता भी दिया। भारत और स्लोवाकिया के रिश्ते व्यापक साझेदारी तक बढ़ाए गए हैं। स्लोवाकियन पीएम फिको ने मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक चुने गए प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी और इस उपलब्धि को राजनीतिक चमत्कार बताया।
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज हमने अपने संबंधों को व्यापक साझेदारी का दर्जा देने का निर्णय लिया है। यह हमारे आपसी विश्वास, प्राथमिकताओं और भविष्य का प्रतीक है। भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने में स्लोवाकिया से मिले सहयोग के लिए मैं पीएम फिको का विशेष आभार व्यक्त करता हूं।
स्लोवाकिया की एक यूनिवर्सिटी में एआई के विषय पर इंडिया चेयर बनाई जा रही है। एआई मानवता की सेवा और प्रगति का सशक्त माध्यम बने, यही हमारी साझा सोच है।
इसी तरह रक्षा सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास और रणनीतिक तालमेल का प्रमाण है। मुझे खुशी है कि इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आज हमने लेटर ऑफ इंटेंट साइन किया। भारत के प्राचीन उपनिषदों का “स्लोवाक” भाषा में अनुवाद किया जाना हमारी सांस्कृतिक निकटता का बेहतरीन उदाहरण है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत-स्लोवाकिया संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनकी मित्रता और अटूट प्रतिबद्धता का विशेष महत्व रहा है। मुझे खुशी है कि आज उनसे मिलकर, मुझे हमारे संबंधों में एक ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने का सुअवसर मिला। मेरी यह यात्रा किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा है। मुझे खुशी है कि इस ऐतिहासिक अवसर पर हमने अपने संबंधों को काम्प्रीहेंसिव पार्टनरशिप का दर्जा देने का निर्णय लिया है। यह हमारे साझा विश्वास, साझा प्राथमिकताओं और साझा भविष्य का प्रतीक है।
हमारे द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग में प्रगति हो रही
आज प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको जी और मैंने हमारे सहयोग को नई दिशा और नई ऊर्जा देने पर विस्तृत रूप से चर्चा की। हमारे द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग में हो रही प्रगति हमारे लिए संतोष का विषय है, लेकिन हमारी क्षमताएं विशाल हैं। हमारी आकांक्षाएं उससे भी बड़ी हैं। ऑटोमोबाइल, रेलवे, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन टेक्नोलाजी हमारे लिए विशेष रुचि के क्षेत्र हैं। इन सभी विषयों में आज हमने अपनी ताकतों को जोड़कर दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इंडिया-ईयू एफटीए को अंतिम रूप देने में स्लोवाकिया से मिले सहयोग के लिए मैं प्रधानमंत्री जी का विशेष आभार व्यक्त करता हूं। हम इसके जल्द से जल्द इम्पलीमेंटेशन के लिए काम करेंगे ताकि दोनों देशों के उद्योग, स्टार्टअप्स और ट्रेडर्स इसका अधिकतम लाभ उठा सकें।
टेक्नोलॉजी हमारी भावी साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ
पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी हमारी भावी साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ है। डिजिटल टेक्नोलॉजी पर आज किए गए एमओयू से डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग की नई संभावनाएं बनेंगी। मुझे खुशी है कि स्लोवाकिया की एक यूनिवर्सिटी में एआई के विषय पर इंडिया चेयर स्थापित की जा रही है। एआई मानवता की सेवा और प्रगति का सशक्त माध्यम बने, यही हमारी साझा सोच है। हमारा मानना है कि एआई का भविष्य केवल इनोवेशन से नहीं, बल्कि ट्रस्ट, रेस्पांसिबिलिटी और ह्यूमन डिग्निटी पर आधारित होना चाहिए। हमारे बीच स्पेस के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का बहुत बड़ा पोटेंशियल है। 2017 में स्लोवाकिया की पहली सैटेलाइट भारत द्वारा लॉन्च की गई थी। आज भारत में स्पेस सेक्टर अभूतपूर्व गति से नई ऊंचाइयां छू रहा है। मैं स्लोवाकिया की कंपनियों को इस विकास यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं।
सिविल न्यूक्लीयर एनर्जी भी दोनों देशों के लिए मुख्य प्राथमिकता का क्षेत्र
सिविल न्यूक्लीयर एनर्जी भी दोनों देशों के लिए मुख्य प्राथमिकता का क्षेत्र है। हमने इस क्षेत्र में दोनों देशों की इंडस्ट्रीज़ और एक्सपर्ट्स के बीच सहयोग बढ़ाने पर बल दिया। रक्षा सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास और स्ट्रैटजिक कन्वर्जेंस का प्रमाण है। मुझे खुशी है कि इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आज हमने लेटर ऑफ द इंटेंट साइन किया। इससे ज्वाइंट डेवलपमेंट, ज्वाइंट प्रोडक्शन और डिफेंस इंडस्ट्रीज के बीच सहयोग को नई गति मिलेगी।
सभी विवादों और तनावों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए
पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक मंच पर भी भारत और स्लोवाकिया करीबी सामंजस्य से आगे बढ़ रहे हैं। हम सहमत हैं कि सभी विवादों और तनावों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। हम सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर इस दिशा में आगे बढ़ते रहेंगे।हम इस बात पर भी सहमत हैं कि वैश्विक संस्थानों को इक्कीसवीं सदी की वास्तविकताओं और चुनौतियों के अनुरूप खुद को रिडिफाइन करना होगा। इस विषय पर हम वैश्विक प्रयासों को सशक्त बनाने की दिशा में काम करेंगे।
दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध मजबूत हैं
दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और पीपल-टू-पीपल टाइज हमारे संबंधों को मज़बूत आधार प्रदान करते हैं। भारत के प्राचीन उपनिषदों का “स्लोवाक” भाषा में अनुवाद किया जाना हमारी सांस्कृतिक निकटता का उत्कृष्ट उदाहरण है। स्लोवाकिया में रह रहे भारतीय मूल के लोग यहां की इकोनॉमी और सोसाइटी में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। दोनों देशों के बीच प्रोफेशनल और स्किल्ड वर्कर्स की मोबिलिटी बढ़ाने के लिए आज हमने लेबर माइग्रेशन पर एमओयू की घोषणा की है। हम शीघ्र ही सोशल सेक्यूरिटी पर एमओयू को भी अंतिम स्वरूप देंगे। पीएम मोदी ने कहा कि आज की अत्यंत सार्थक चर्चा और भारत के लिए आपकी सकारात्मक सोच के लिए मैं एक बार फिर आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मैं 140 करोड़ भारतवासियों की तरफ से आपको भारत आने का निमंत्रण देता हूं। और मुझे ख़ुशी हैं की आपने सार्वजनिक रूप से भी इस निमंत्रण का स्वीकार किया है। हम आपका स्वागत करने के लिए बहुत ही उत्सुक हैं। मुझे विश्वास है कि हमारी काम्प्रीहेंसिव पार्टनरशिप आने वाले वर्षों में नए अवसरों, साझा समृद्धि और हमारे लोगों के उज्ज्वल भविष्य का आधार बनेगी।
ब्रेड और नमक भेंटकर पीएम मोदी का भव्य स्वागत
इससे पहले पीएम मोदी दो देशों के दौरे के दूसरे फेज में रविवार रात 2:18 बजे स्लोवाकिया पहुंचे। राजधानी ब्रातिस्लावा में विदेश और यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराय ब्लानार ने उनका स्वागत किया। मोदी को पारंपरिक स्लोवाक रीति से ब्रेड और नमक भेंट किया गया, जिसे यहां आतिथ्य, सम्मान और सद्भावना का प्रतीक माना जाता है। मोदी ने एयरपोर्ट पर स्लोवाकिया में मौजूद भारतीयों से भी मुलाकात की। दरअसल, मोदी 13 जून से फ्रांस-स्लोवाकिया के 6 दिन के दौरे पर हैं। वे 17 जून को फ्रांस के एवियान में जी7 समिट में शामिल होंगे। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भी मिल सकते हैं।
दोनों देशों के बीच प्रमुख समझौते
0 श्रम प्रवासन के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन।
0 रक्षा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने हेतु आशय पत्र।
0 डिजिटल प्रौद्योगिकियों पर समझौता ज्ञापन।
0 उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन।
0 ऑडियो-विजुअल के सृजन पर समझौता ज्ञापन।
0 कोसिसे टेक्नीकल यूनिवर्सिटी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में आईसीसीआर की प्रथम चेयर की स्थापना।
0 क्वांटम कम्यूनिकेशन और महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर के संरक्षण क्षेत्र में समझौता ज्ञापन।
0 राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान, पुणे, आयुष मंत्रालय और स्लोवाक हेल्थ स्पा पिएस्टानी के बीच समझौता ज्ञापन।
0 छात्रों के आदान-प्रदान हेतु पाठ्यक्रमों, छात्रवृत्तियों और अनुसंधान सहयोग के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली और स्लोवाक तकनीकी विश्वविद्यालय के बीच समझौता।
0 पर्यटन ऑपरेटर संघों के बीच पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग।
0 भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (आईएनएसए) और स्लोवाक विज्ञान अकादमी (एसएएस) के बीच वैज्ञानिक सहयोग पर समझौता।
प्रमुख घोषणाएं
0 द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक साझेदारी के स्तर तक उन्नत करना।
0 आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह की स्थापना।
0 कांसुलर संवाद की स्थापना।