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0 चंपत के ड्राइवर टिन्नू समेत 8 गिरफ्तार
अयोध्या।  राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने अपना इस्तीफा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को सौंप दिया है। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर की व्यवस्था से बाहर कर दिया गया है।

चंपत के पास पूरे मंदिर की जिम्मेदारी थी। राय के बाद ट्रस्टी अनिल और गोपाल राव की मंदिर व्यवस्था में बड़ी भूमिका थी। एक हफ्ते पहले सीएम योगी अयोध्या दौरे पर गए थे। उस वक्त चंपत को उनके दौरे से दूर रखा गया था, तभी से यह सुगबुगाहट थी कि उन्हें हटाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, अब ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाएगा। 

चढ़ावा चोरी मामले में गुरुवार देर शाम ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा समेत अन्य बड़े पदाधिकारियों के नाम नहीं हैं। इसके बाद गुरुवार देर रात रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आज शुक्रवार को सभी 8 आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद इन्हें कोर्ट में पेश किया गया। सीजेएम कोर्ट ने सभी आरोपियों को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है। अभियोजन अधिकारी केसी वर्मा ने बताया कि सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। सोमवार को उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। सभी आरोपियों से कुल 79 लाख 85 हजार 493 रुपए बरामद किए गए हैं।

ट्रस्ट के ट्रस्टी नृपेंद्र मिश्रा ने भी मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की जानकारी मिली है। हालांकि, अन्य सूत्रों का कहना है कि चंपत राय ने केवल महासचिव पद से इस्तीफा दिया है, जबकि ट्रस्ट की सदस्यता बरकरार रखी है।

मामले में पहली एफआईआर गुरुवार शाम ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई थी। हालांकि, एफआईआर में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और ट्रस्ट के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं हैं। राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी थी।

केजरीवाल ने रामलला के दर्शन किए, कहा-कड़ी सजा मिलनी चाहिए
इस बीच, पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को रामलला के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इतना बड़ा पाप किया है, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। दर्ज की गई एफआईआर केवल दिखावा है। बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। केजरीवाल ने कहा कि 30 साल तक भगवान राम के नाम का इस्तेमाल कर, उनका मंदिर बनवाने के नाम पर चंदा चोर पार्टी सत्ता में आई। जब से ये सत्ता में आए, तब से इन्होंने राम मंदिर को अपने पैसे की हवस का शिकार बना दिया।  भगवान राम के यहां, उनके घर में महा डकैती हो गई है। भगवान राम का आभूषण, उनका हार, उनकी पादुका, उन पर चढ़ाए गए चांदी-सोना, हीरे और अरबों रुपए का कैश भगवान राम के घर से चोरी हो गया। इस चोरी में बहुत बड़े-बड़े राक्षस शामिल हैं। लोग आहत हुए हैं। मैं भी आहत हूं। इसलिए आज दर्शन करने आया हूं। जिन लोगों ने चोरी की है, बदकिस्मती से उन्हीं को कार्रवाई करनी है। वो अपने को पूरी तरह से बचाने में लगे हैं।

एसआईटी ने 23 जून को रिपोर्ट सौंपी, 2 दिन बाद गिरफ्तारी
चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया। यूपी सरकार ने 13 जून को एसआईटी बनाई। एसआईटी ने 23 जून को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। इसके 2 दिन बाद कार्रवाई हुई और मंदिर से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें टिन्नू, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्रा शामिल हैं। अनुकल्प लवकुश का जीजा है। ये दोनों अनिल मिश्रा के रिश्तेदार हैं। वहीं, मनीष टिन्नू यादव का भतीजा है।