सियोल। भारत और दक्षिण कोरिया ने द्विपक्षीय संबंधों में नयी ऊर्जा का स्वागत करते हुए विशेष रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने की प्रतिबद्धता जतायी है। दोनों देशों ने द्विपक्षीय सहयोग का दायरा बढाने पर भी सहमति जतायी है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून के निमंत्रण पर 24 से 25 जून तक कोरिया की आधिकारिक यात्रा पर थे।
विदेश मंत्री ने सियोल में अपने समकक्ष चो ह्यून के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। इन चर्चाओं से द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करने और आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिला।
दोनों मंत्रियो ने इसी वर्ष अप्रैल में कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग की भारत की राजकीय यात्रा के नतीजों को आगे बढ़ाते हुए प्रमुख क्षेत्रों में प्रगति का जायजा लिया। इन क्षेत्रों में राजनीतिक आदान-प्रदान, व्यापार और निवेश, वित्तीय सहयोग, जहाज निर्माण, रक्षा और सुरक्षा, उभरती हुई तकनीकें, स्टार्टअप, संस्कृति, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी संपर्क शामिल हैं। उन्होंने बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग पर भी चर्चा की और आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के तरीकों की पहचान की।
उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों में नई गति का स्वागत किया और हाल की उच्च-स्तरीय बातचीत के नतीजों को आगे बढ़ाने तथा भारत- दक्षिण कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए लगातार संपर्क में रहने पर सहमति व्यक्त की।
यात्रा के दौरान विदेश मंत्री ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशक वाई सुंग-लैक से भी मुलाकात की और क्षेत्रीय तथा वैश्विक घटनाक्रमों पर आकलन साझा किए।
गुरुवार को विदेश मंत्री ने जेजू में 'शांति और समृद्धि के लिए जेजू फोरम' के उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण दिया। श्री जयशंकर ने विदेश मंत्री चो ह्यून को दोनों पक्षों की सुविधा के अनुसार किसी तारीख पर भारत- दक्षिण कोरिया संयुक्त आयोग की अगली बैठक के लिए भारत आने का निमंत्रण दिया।