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0 अब दुनिया के 10 देशों में डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे भारतीय

नई दिल्ली। भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) अब ग्रीस में भी लाइव हो गया है। ग्रीस इस डिजिटल पेमेंट नेटवर्क से जुड़ने वाला नया देश बन गया है। एथेंस में यूरोबैंक के हेडक्वार्टर में यूरोबैंक और एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड की पार्टनरशिप से शुरू हुई इस सर्विस का लाइव डेमो भी देखा गया।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में डेमो हुआ
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एथेंस की अपनी ऑफिशियल विजिट के दौरान इस सर्विस के लाइव डेमो को देखा। उन्होंने कहा कि यूपीआई को मिल रही वैश्विक स्वीकार्यता से यह साबित होता है कि भारत की टेक्नोलॉजी पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है। यह तकनीक सीमाओं के पार भी बेहतरीन तरीके से काम कर सकती है।

अब 10 देशों में मिलेगी यूपीआई की सुविधा
ग्रीस के इस नेटवर्क में शामिल होने के बाद अब दुनिया के 10 देशों में अलग-अलग रूपों में यूपीआई का इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह भारतीय यात्रियों के लिए क्यूआर-कोड आधारित मर्चेंट पेमेंट से लेकर क्रॉस-बॉर्डर रेमिटेंस सर्विसेज (पैसे ट्रांसफर करने) तक की सुविधा देता है।

ग्रीस से पहले कंबोडिया में शुरू हुआ था यूपीआई
ग्रीस से ठीक पहले कंबोडिया इस लिस्ट में शामिल होने वाला 9वां देश बना था। इसके लिए एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड ने वहां के एसीएलईडीए (अक्लेदा) बैंक के साथ पार्टनरशिप की थी। इसके तहत कंबोडिया के नेशनल क्यूआर कोड 'केएचक्यूआर' के जरिए क्रॉस-बॉर्डर यूपीआई पेमेंट्स की शुरुआत की गई थी।
इससे पहले सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर और श्रीलंका को उन आठ देशों के रूप में लिस्ट किया था, जहां यूपीआई को स्वीकार किया जा रहा है। अब कंबोडिया व ग्रीस के बाद कुल 10 देशों में लेनदेन यूपीआई का उपयोग कर सकते हैं।   

फ्रांस के एफिल टॉवर से हुई थी शुरुआत
यूरोप में यूपीआई के विस्तार में फ्रांस एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। साल 2024 में पेरिस के एफिल टॉवर से यूपीआई को लॉन्च किया गया था। इसके बाद इस सर्विस का विस्तार वहां के बड़े रिटेल डेस्टिनेशंस जैसे नीस में स्थित 'गैलरीज लाफायेट' तक किया गया।

क्या है यूपीआई और इसके ग्लोबल विस्तार का भविष्य
यूपीआई को नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने डेवलप किया है, जो मोबाइल एप्स के जरिए तुरंत डिजिटल पेमेंट करने की सुविधा देता है। इसके ग्लोबल विस्तार का मुख्य उद्देश्य विदेश यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए पेमेंट की प्रक्रिया को आसान बनाना है। साथ ही इससे क्रॉस-बॉर्डर ट्रांसफर में लगने वाली लागत और परेशानियों को कम करने में बड़ी मदद मिल रही है।

कैसे काम करता है विदेशी धरती पर यूपीआई
भारतीय यात्री विदेशों में इंटरनेशनल रोमिंग या एक्टिवेटेड यूपीआई एप के जरिए वहां के स्थानीय क्यूआर कोड (जैसे कंबोडिया में केअचक्यूआर या ग्रीस में यूरोबैंक मर्चेंट नेटवर्क) को स्कैन करके सीधे अपने भारतीय बैंक अकाउंट से पेमेंट कर सकते हैं। इससे उन्हें विदेशी करेंसी एक्सचेंज कराने के झंझट से मुक्ति मिलती है।