0 सरकार ने 40 से ज्यादा प्रोडक्ट्स पर राहत दी; सप्लाई बनाए रखने के लिए फैसला किया
नई दिल्ली। सरकार ने 30 जून को लगभग 40 जरूरी पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स के इम्पोर्ट पर जीरो कस्टम ड्यूटी को 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। अब यह राहत 15 जुलाई तक लागू रहेगी। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और ईरान युद्ध के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन में आई रुकावटों के बीच घरेलू उद्योगों को स्थिरता देने के लिए यह कदम उठाया गया है।
यह फुल कस्टम ड्यूटी छूट पहली बार 2 अप्रैल को एक अस्थायी राहत उपाय के रूप में शुरू की गई थी। पहले इसे 30 जून को समाप्त होना था, लेकिन मंगलवार को वित्त मंत्रालय ने इस छूट को 15 जुलाई तक बढ़ाने का फैसला किया।
प्लास्टिक्स, फार्मा और टेक्सटाइल समेत कई सेक्टर्स को मिलेगा फायदा
ड्यूटी माफी का यह फैसला उन उद्योगों को सीधा फायदा पहुंचाएगा जो पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक और इंटरमीडिएट्स पर निर्भर हैं। इनमें प्लास्टिक्स, पैकेजिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और अन्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स शामिल हैं। सरकार के इस कदम से इन डाउनस्ट्रीम सेक्टर्स पर लागत का दबाव कम होगा।
वेस्ट एशिया संकट के कारण सप्लाई चेन में आई रुकावट
वित्त मंत्रालय ने 2 अप्रैल को योजना की घोषणा करते हुए कहा था कि वेस्ट एशिया में संघर्ष से वैश्विक सप्लाई चेन में रुकावट को देखते हुए यह छूट दी जा रही है।
इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू उद्योग के लिए जरूरी पेट्रोकेमिकल इनपुट्स की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना और सप्लाई को स्थिर रखना है।
इसके साथ ही सरकार ने यह भी कहा था कि इस उपाय से तैयार उत्पादों यानी फिनिश्ड प्रोडक्ट्स के कंज्यूमर्स को भी बड़ी राहत मिलेगी।
इन 9 प्रमुख प्रोडक्ट्स समेत 40 आइटम्स पर मिलेगी छूट
कस्टम ड्यूटी छूट के दायरे में आने वाले प्रमुख पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स में मेथनॉल, एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यूनि, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमीथेन (मेथिलीन क्लोराइड), विनाइल क्लोराइड मोनोमर, पॉलीब्यूटाडीन, स्टाइरीन-ब्यूटाडीन और अनसैचुरेटेड पॉलिएस्टर रेजिन्स शामिल हैं।
क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस और फर्टिलाइजर्स के इम्पोर्ट पर चिंता
वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण समुद्री शिपिंग रूटों में आई रुकावटों ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस संकट की वजह से भारत के फर्टिलाइजर्स, क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस के इम्पोर्ट पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि भारत पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और फर्टिलाइजर्स दोनों का एक बहुत बड़ा इम्पोर्टर देश है।