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विरोधाभासों की वजह से ही कंगाल हुआ बंगाल
बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को पहले चरण के रिकार्ड मतदान के बाद अब सारी निगाहें दूसरे दौर पर टिक गई हैं। पहली अप्रैल को दूसरे चरण के लिए जिन सीटों पर मतदान होना है, उनमें नंदीग्राम सबसे महत्वपूर्ण है।
दशकों तक सैन्य तानाशाही में रहा म्यांमार एक अदद लोकतंत्र की तलाश में
म्यामार में लोकतंत्र की सबसे बड़ी उम्मीद आंग सान सू की से कहां चूक हो गई कि वहां की सत्ता पर एक बार फिर सेना का कब्जा हो गया। दशकों के संघर्ष के बाद उन्हें देश की कमान मिली थी।
होली खुशियों को मिल-बांटने का अपूर्व अवसर
होली प्रेम, आपसी सद्भाव और मस्ती के रंगों में सराबोर हो जाने का अनूठा त्यौहार है। कोरोना महामारी के कारण इस त्यौहार के रंग भले ही फीके पड़े हैं या मेरेे-तेरे की भावना, भागदौड़, स्वार्थ एवं संकीर्णता से होली की परम्परा में बदलाव आया है।
भक्त की भगवान पर अटूट आस्था-विश्वास का पर्व है होली
यूंतो हमारी भारतीय संस्कृति में वैदिक परम्परानुसार वर्ष भर में अनेकों त्योहारों के मनाए जाने का प्रावधान है जिनका आधर कोई न कोई पौराणिक कथा एवं इसके अंदर छुपे आध्यात्मिक, वैज्ञानिक रहस्य हैं। इसी प्रकार होली का त्योहार भी भक्त के परस्पर प्रेम पर आधरित है।
श्रीलंका में रहने वाले तमिल मूल के लोगों पर भारत की दुविधा
पड़ोसी देशों के प्रति भारत का रवैया हमेशा से उदार रहा है। भारत ने श्रीलंका में भारतीय मूल के तमिलों को मानवतावादी सहायता प्रदान करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
सेना में महिलाओं के हक पर कोर्ट की सख्ती
हमारी सेनाओं में भी महिलाओं के साथ भेदभाव, दोयम दर्जा एवं बेचारगी वाला नजरिया दुर्भाग्यपूर्ण एवं असंगत है।
कोरोना : दो लॉकडाउन के बीच खड़ा देश
आज से ठीक एक साल पहले के आशंकित और आतंकित दिनों को याद कीजिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को 'जनता कफ्र्यूÓ का आह्वान किया था। समूचे देश के पहिए थम गए थे, दुकानों के शटर नहीं उठे थे, कल-कारखानों की मशीनें बंद हो गई थीं और बेहद जरूरी सेवाओं के अ
निजीकरण एकमात्र विकल्प नहीं है
इंदिरा गांधी ने 1969 में जब बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था, तब उनके सामने देश के सुदूरवर्ती जनता को सरकार की योजनाओं से जोडऩे की चुनौती थी. सरकार का मानना था कि वाणिज्यिक बैंक सामाजिक उत्थान के कार्यों में योगदान नहीं कर रहे हैं।
संत चैतन्य महाप्रभु की कृष्णलीलाएं हैं अद्भुत
टैतन्य महाप्रभु भारतीय संत परम्परा के वैष्णव धर्म के भक्ति योग के परम प्रचारक एवं भक्तिकाल के प्रमुख कवियों में से एक हैं, वे एक महान् संत, समाज सुधारक एवं क्रांतिकारी प्रचारक थे।
दो लॉकडाउन के बीच खड़ा देश
आज से ठीक एक साल पहले के आशंकित और आतंकित दिनों को याद कीजिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को 'जनता कफ्र्यूÓ का आह्वान किया था।