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इजरायल-फलस्तीन विवाद: अगर स्थिति हमास के पक्ष में झुकी, तो दुनिया की दुष्ट ताकतों को मिल जाएगा एक नया रास्ता
पश्चिम एशिया में इजरायली सुरक्षा बलों और गाजा पट्टी में जड़ें जमाए फलस्तीनी आतंकी संगठन हमास के बीच जारी संघर्ष में इसके बावजूद कोई कमी आती नहीं दिख रही है कि दुनिया भर की ताकतें उसे रोकने की जरूरत जता रही हैं।
लगवाएं टीका, बदलिए जीवन जीने का सलीका
टीका का नाम आते ही एक विश्वास का भाव पैदा होने लगता है। यह टीका भले ही उस मासूम के चेहरे के किसी हिस्से में लगने वाला काजल का टीका हो या फिर किसी संक्रामक बीमारी से बचने के लिए हो।
कोरोना संकट के समय देश ने देखी लोगों के चारित्रिक पतन की पराकाष्ठा
एक समय सेनाध्यक्ष के रूप में जनरल बिपिन रावत ने कहा था कि भारत ढाई मोर्चों पर युद्ध के लिए तैयार है। उनका इशारा चीन, पाकिस्तान के साथ-साथ भीतरी चुनौतियों से भी था।
दवाओं के उत्पादन में पिछडऩे का खतरा
वर्ष 1970 में भारत के दवा बाजार का दो तिहाई हिस्सा बहुराष्ट्रीय दवा कंपनियों के हाथ में था। बाद में भारत ने प्रोडक्ट पेटेंट को निरस्त कर दिया।
ब्रह्मा की पत्नी और पुत्रों के नाम
ब्रह्मा हिन्दू धर्म में एक प्रमुख देवता हैं। ये हिन्दुओं के तीन प्रमुख देवताओं (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) में से एक हैं। ब्रह्मा को सृष्टि का रचयिता कहा जाता है। सृष्टि रचियता से मतलब सिर्फ जीवों की सृष्टि से है।
ऑनलाइन शिक्षण की चुनौतियां
आज विश्व के समक्ष गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। महामारी के प्रभाव से शिक्षण संस्थान भी अछूते नहीं हैं। पिछले एक साल में शिक्षा संस्थानों में अध्ययन-अध्
देश में कोरोना से बिगड़ते हालात, कुव्यवस्था से हाहाकार
देश में मौजूदा हालात बताते हैं कि सरकारें जनहितैषी कभी नहीं बन सकतीं. सरकारें गरीबों के बारे में कभी नहीं सोच सकतीं. सरकारें तो बनी ही जनता पर शासन करने को हैं. जनता को सिर्फ वोटबैंक सम झने की जिद इन्हें उस की लाशों से खेलने की इजाजत देती है.
सियासत में चिट्ठी-पत्री का दौर और संकट में सांस
हिमाचल के नेताओं में आजकल एक-दूसरे को चि_ी पत्री का दौर चल रहा है। यहां से दो राज्यसभा सांसद हैं। इनमें से एक आनंद शर्मा तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के कभी बहुत करीब हुआ करते थे, लेकिन इन दिनों वे एकांतवास में हैं।
नई आफत : मंडराता ब्लैक फंगस का खतरा
देशभर में कोरोना जमकर कहर बरपा रहा है। देश-प्रदेश में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच सरकारें सख्त लॉकडाउन के जरिए संक्रमण की चैन तोडऩे का प्रयास कर रही हैं।
पिछले साल की तरह इस बार भी कृषि क्षेत्र ही देश की अर्थव्यवस्था को बचाएगा
चारों तिमाहियों में कृषि क्षेत्र एवं मछली पालन इत्यादि क्षेत्रों में विकास दर सकारात्मक रही है। यह प्रथम तिमाही में 3.3 प्रतिशत, द्वितीय तिमाही में 3.0 प्रतिशत, तृतीय तिमाही में 3.9 प्रतिशत एवं चतुर्थ तिमाही में 1.9 प्रतिशत रही थी।